Newzfatafatlogo

21 वर्षीय अनुप्रिया नागर ने हनुमान अंश से रचा इतिहास

अनुप्रिया नागर, केवल 21 वर्ष की आयु में, अपनी पहली फिल्म 'हनुमान अंश' के साथ एक सफल प्रोड्यूसर बन गई हैं। उन्होंने अपनी तीन साल की नौकरी की कमाई को इस फिल्म में निवेश किया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की है और अब इसके सीक्वल की भी योजना बनाई जा रही है। जानें अनुप्रिया की प्रेरणादायक यात्रा और उनके विचार।
 | 

अनुप्रिया नागर की प्रेरणादायक कहानी


नई दिल्ली। केवल 21 वर्ष की आयु में, अनुप्रिया नागर ने एक ऐसा कार्य किया है, जो अधिकांश लोग अपने जीवन में नहीं कर पाते। उन्होंने देश की चर्चित फिल्म 'हनुमान अंश' की सफल प्रोड्यूसर बनकर इतिहास रच दिया है। फिल्म निर्माण का कोई अनुभव न होने के बावजूद, उनके पास एक कहानी थी जिसे वे लोगों तक पहुँचाना चाहती थीं। इसी जुनून के चलते, अनुप्रिया ने अपनी तीन साल की पार्ट-टाइम नौकरी से अर्जित सभी पैसे अपनी पहली फिल्म 'हनुमान अंश' में निवेश कर दिए।


अनुप्रिया ने इस निर्णय के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके लिए उम्र कभी भी बाधा नहीं बनी। उनका मुख्य ध्यान इस बात पर था कि नीम करौली बाबा की कहानियों को आज की युवा पीढ़ी, विशेषकर Gen Z तक पहुँचाया जाए। उन्होंने बताया कि उन्हें महाराज जी के बारे में एक विदेशी व्यक्ति से जानकारी मिली, जिससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई। यही सोच 'हनुमान अंश' बनाने की प्रेरणा बनी।


मुंबई में जन्मी अनुप्रिया ने ब्रिटेन के बाथ विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद, उन्हें ज्यूरिक में नौकरी मिली, लेकिन उनका मन कुछ और करने का था। 2025 में, वह भारत लौट आईं और 'हनुमान अंश' में को-प्रोड्यूसर के रूप में जुड़ गईं। ब्रिटेन में पढ़ाई के दौरान, उन्होंने नीम करौली बाबा के बारे में एक लेख पढ़ा, जिससे उन्हें बाबा की कहानी को युवाओं तक पहुँचाने का विचार आया।


उन्होंने अपनी पार्ट-टाइम नौकरियों से बचाए गए पैसे से फिल्म 'हनुमान अंश' बनाने का निर्णय लिया। फिल्म का बजट लगभग 2 करोड़ रुपये था। शुरुआत में फिल्म को ज्यादा सफलता नहीं मिली, लेकिन धीरे-धीरे इसकी चर्चा बढ़ी और यह 1500 से अधिक स्क्रीन पर रिलीज हुई।


फिल्म के प्रचार के लिए बड़े सितारों और रियलिटी शो का सहारा लेने के बजाय, अनुप्रिया वृंदावन गईं और प्रेमानंद बाबा, बागेश्वर धाम और आचार्य प्रमोद कृष्णन से आशीर्वाद लिया। अब फिल्म की सफलता के बाद, 'हनुमान अंश' के सीक्वल की भी घोषणा की जा चुकी है।


21 वर्ष की आयु में इतना बड़ा सपना देखना और उसे पूरा करने की कोशिश करना वाकई प्रेरणादायक है। अनुप्रिया ने यूनाइटेड किंगडम में पढ़ाई की है, लेकिन आर्य समाज के विद्यालय के संस्कारों को नहीं भूली हैं। पढ़ाई के दौरान जो पैसे उन्होंने कमाए, उन्हें उन्होंने इस फिल्म में लगा दिया। अब वह Gen Z सेंसेशन बन गई हैं और समाज के भले के लिए काम करना चाहती हैं। उनका कहना है कि जो कुछ भी हुआ, वह सब बाबा नीम करौली के आशीर्वाद से हुआ है।


सीक्वल की तैयारी!


फिल्म के अंत में मेकर्स ने सीक्वल का संकेत भी दिया है। अनुप्रिया ने स्पष्ट किया है कि फिल्म का दूसरा भाग जरूर आएगा। उन्होंने कहा कि वे अपने दर्शकों को निराश नहीं करेंगे। अनुप्रिया के अनुसार, महाराज जी ने फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर इतनी सफलता दी है कि अब उनके पास सीक्वल बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि अनुप्रिया अपनी अगली फिल्म में भी पहले भाग की सादगी को बनाए रखना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि 'हनुमान अंश' को 2 करोड़ रुपये के बजट में बनाने की योजना थी। उनका मानना है कि यदि यही फिल्म 10 करोड़ रुपये में बनाई जाती, तो शायद इसका अंदाज अलग होता। कम बजट के कारण फिल्म में जो कच्चापन और सादगी आई, अनुप्रिया उसे खोना नहीं चाहतीं। इसका मतलब यह है कि 'हनुमान अंश' का अगला भाग बड़ा हो सकता है, लेकिन उसकी सादगी और कच्चापन पहले जैसा ही रहेगा।