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अंकित राज की संघर्ष भरी कहानी: Raktanchal 3 से मिली पहचान

अंकित राज की कहानी एक प्रेरणादायक यात्रा है, जो बिहार के एक छोटे शहर से मुंबई तक के संघर्ष को दर्शाती है। Raktanchal 3 में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें पहचान दिलाई है। इस लेख में, अंकित ने अपने बचपन, थिएटर के प्रति जुनून, इंजीनियरिंग के बाद के संघर्ष, और मुंबई में अपने अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने रिजेक्शन का सामना किया और अंततः सफलता प्राप्त की। उनकी कहानी नए कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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मुंबई: संघर्ष और सफलता की कहानी


मुंबई: सफलता की कहानियाँ अक्सर लोगों को आकर्षित करती हैं, लेकिन उन कहानियों के पीछे का संघर्ष बहुत कम लोग जानते हैं। अभिनेता अंकित राज, जो Raktanchal 3 में अपने अभिनय के लिए जाने जाते हैं, की यात्रा भी कुछ ऐसी ही है। बिहार के एक छोटे शहर से निकलकर मुंबई तक का उनका सफर आसान नहीं था। कई बार उन्हें लगा कि उनका सपना अधूरा रह जाएगा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। एक मीडिया चैनल से बातचीत में अंकित ने अपने बचपन, थिएटर, इंजीनियरिंग, क्रिकेट, मुंबई में संघर्ष और अपने करियर के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रक्तांचल 3 तक की यात्रा साझा की।


बचपन और थिएटर का जुनून

अंकित राज का जन्म बिहार के सहरसा में हुआ, लेकिन उनके पिता की नौकरी के कारण परिवार ओडिशा के भुवनेश्वर में बस गया। उनके पिता एक इंजीनियर हैं और मां गृहिणी। परिवार चाहता था कि अंकित इंजीनियर बने, लेकिन अंकित का मन कुछ और ही था। स्कूल के दिनों में वे हर सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक में भाग लेते थे। भगत सिंह जैसे किरदार निभाने से लेकर विभिन्न स्कूलों में थिएटर करने तक, मंच ने उन्हें एक नई पहचान दी। धीरे-धीरे, अभिनय उनके लिए केवल शौक नहीं, बल्कि जुनून बन गया।


इंजीनियरिंग के बाद थिएटर में दिलचस्पी

इंजीनियरिंग के बाद भत्री थिएटर में ही लगा रहा दिल


12वीं कक्षा के बाद अंकित ने इंजीनियरिंग में दाखिला लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि यह कभी उनका सपना नहीं था। उन्हें थिएटर करना था और इसी कारण उन्होंने कॉलेज में ड्रामा कोटा के माध्यम से थिएटर जारी रखा। कॉलेज के दौरान उन्होंने छह साल तक लगातार थिएटर किया। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अब उन्हें फिल्मों में अपनी किस्मत आजमानी चाहिए। उनके थिएटर गुरु ने उन्हें पहले बेंगलुरु भेजा, जहां उन्होंने कैमरे के पीछे काम करना सीखा। यही अनुभव बाद में मुंबई में उनके लिए बहुत काम आया।


क्रिकेट और अभिनय का संघर्ष

बहुत कम लोग जानते हैं कि अंकित राज केवल अभिनेता नहीं, बल्कि एक अच्छे क्रिकेटर भी रहे हैं। उन्होंने रेलवे की ओर से क्रिकेट खेला और एक समय दोनों करियर साथ-साथ चलाए। हालांकि, उन्हें जल्दी समझ आ गया कि क्रिकेट में उम्र का बहुत महत्व है, जबकि अभिनय में खुद को लगातार बेहतर बनाया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह से अभिनय को अपना लक्ष्य बना लिया।


मुंबई में डर और संघर्ष

मुंबई आने से पहले बॉलीवुड को लेकर था डर


अंकित बताते हैं कि फिल्मों और लोगों से सुनी कहानियों के कारण उन्हें मुंबई आने से डर लगता था। उन्हें लगता था कि फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए कई गलत रास्तों से गुजरना पड़ता है। इसके बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बेंगलुरु में काम करके उन्होंने करीब 45 हजार रुपये बचाए और सिर्फ 10 दिन के ट्रायल के लिए मुंबई आ गए। लेकिन यहां पहुंचते ही उनका एटीएम कार्ड काम नहीं कर रहा था। उन्हें दादर स्टेशन पर रात बितानी पड़ी। बाद में फेसबुक के जरिए एक पुराने दोस्त ने उनकी मदद की और उन्होंने अपने संघर्ष की नई शुरुआत की।


रिजेक्शन का सामना

रोज झेलते थे 10 से 12 रिजेक्शन


मुंबई में संघर्ष का सबसे कठिन दौर वह था जब अंकित राज रोज ऑडिशन देने जाते थे, लेकिन उन्हें अभिनय दिखाने का मौका भी नहीं मिलता था। कई बार कास्टिंग टीम सिर्फ उनके लुक्स देखकर ही कह देती थी कि वे इस किरदार के लिए फिट नहीं हैं। अंकित बताते हैं कि शुरुआती पांच महीनों तक उन्हें लगभग हर दिन 10 से 12 बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। कभी कहा जाता कि उम्र मैच नहीं करती, कभी रंग-रूप, तो कभी हाइट वजह बन जाती। ऐसे समय में उन्हें लगने लगा था कि शायद यह इंडस्ट्री सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए है जिनका पहले से कोई बैकग्राउंड हो।


धर्मा प्रोडक्शन का अनुभव

धर्मा प्रोडक्शन की 'Yodha' ने बदल दिया नजरिया


अंकित राज ने सिद्धार्थ मल्होत्रा स्टारर Yodha में भी काम किया। हालांकि फिल्म में उनके कई सीन एडिट हो गए, लेकिन इसका उन्हें कोई अफसोस नहीं है। वे बताते हैं कि कहानी की गति और सस्पेंस बनाए रखने के लिए ऐसा फैसला लिया गया था और एक अभिनेता के तौर पर वे इस बात को समझते हैं। हालांकि इस फिल्म ने उन्हें एक बड़ी सीख जरूर दी। उनके मुताबिक धर्मा प्रोडक्शन के सेट पर हर कलाकार के साथ बेहद सम्मानजनक व्यवहार किया जाता है। कलाकार को सिर्फ अपने अभिनय पर ध्यान देना होता है क्योंकि बाकी हर सुविधा पहले से उपलब्ध रहती है।


Raktanchal 3 का महत्व

क्यों है 'Raktanchal 3' उनके करियर का सबसे खास प्रोजेक्ट?


अंकित राज बिना किसी झिझक के कहते हैं कि Raktanchal 3 उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे खास प्रोजेक्ट है। इसकी सबसे बड़ी वजह हैं निर्देशक रीतम श्रीवास्तव। वे बताते हैं कि जब वे मुंबई आए थे, तभी उन्होंने Raktanchal का पहला सीजन देखा था और तभी से उसके बड़े प्रशंसक बन गए थे। बाद में जब उन्हें खुद इसी सीरीज का हिस्सा बनने का मौका मिला और वह भी निर्देशक के पर्सनल कॉल के जरिए, तो यह उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।


नए कलाकारों के लिए सलाह

नए कलाकारों के लिए अंकित राज का संदेश


इंटरव्यू के आखिर में अंकित राज ने नए कलाकारों को सलाह दी कि अभिनय सिर्फ सपनों का नहीं बल्कि धैर्य का भी पेशा है। उन्होंने कहा कि मुंबई आने से पहले आर्थिक तैयारी जरूर करें। रिजेक्शन को व्यक्तिगत हार न समझें और खुद पर लगातार काम करते रहें। क्योंकि इंडस्ट्री में पहला मौका मिलना मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर इरादे मजबूत हों तो नाले के किनारे रहने वाला लड़का भी एक दिन बड़े बैनर, फिल्मों और चर्चित वेब सीरीज तक पहुंच सकता है।