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एक मुस्लिम बुजुर्ग की श्रद्धा: हनुमान अंश फिल्म का वायरल वीडियो

एक वायरल वीडियो में एक मुस्लिम बुजुर्ग को फिल्म 'हनुमान अंश' देखते हुए दिखाया गया है, जिसमें उन्होंने श्रद्धा से नंगे पैर बैठकर फिल्म का आनंद लिया। यह दृश्य न केवल भावुक करने वाला है, बल्कि विभिन्न धर्मों के बीच प्रेम और सम्मान का संदेश भी देता है। फिल्म की सफलता और इस वीडियो ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे यह साबित होता है कि आस्था किसी भी बंधन से ऊपर उठ सकती है।
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मुस्लिम बुजुर्ग की श्रद्धा का अनोखा उदाहरण


मुस्लिम बुजुर्ग हनुमान अंश का आनंद लेते हुए: एक भावनात्मक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक मुस्लिम वृद्ध व्यक्ति सिनेमा हॉल में फिल्म 'हनुमान अंश' देख रहे हैं। उन्होंने अपनी चप्पलें उतार रखी हैं, और लोग उन्हें 'रहीम अंकल' के नाम से पुकार रहे हैं। वीडियो में उनकी श्रद्धा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिसने कई दर्शकों को भावुक कर दिया है।


सिनेमाघर में नंगे पैर फिल्म देखने का अनुभव

एक दर्शक ने टिप्पणी की, 'भारत में राजनीति के बिना।' दूसरे ने कहा कि रहीम अंकल ने फिल्म को बड़ी भक्ति से देखा। कई लोगों ने इस दृश्य को अद्वितीय बताया, यह दर्शाते हुए कि आस्था किसी भी धर्म की सीमाओं को नहीं जानती।


फिल्म 'हनुमान अंश' नीम करोली बाबा की जीवन कथा पर आधारित है और इसे 7 अगस्त 2026 को रिलीज किया गया था। शुरुआत में इसकी कमाई धीमी रही, पहले दिन केवल 10 लाख रुपये। लेकिन दो हफ्तों में नेट कलेक्शन 1.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कई लोगों ने सोचा कि फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों से हटा दी जाएगी, लेकिन तीसरे हफ्ते में इसकी कमाई में अचानक वृद्धि हुई। चौथे वीकेंड पर भी फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया, और अब सप्ताह के दिनों में भी इसकी कमाई बढ़ रही है। 27 दिनों में फिल्म ने भारत में 61 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है।


फिल्म की सफलता और वायरल वीडियो का संदेश




निर्माताओं ने बताया है कि नीम करोली बाबा की बायोपिक का एक सीक्वल भी बनाया जाएगा। फिल्म की सफलता और इस वायरल वीडियो ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है। कई दर्शक कह रहे हैं कि फिल्म देखने के बाद उनके मन में शांति और भक्ति का अनुभव होता है।


यह वीडियो केवल फिल्म की चर्चा को बढ़ावा नहीं दे रहा, बल्कि विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच प्रेम और सम्मान का संदेश भी फैला रहा है। सिनेमा हॉल में नंगे पैर बैठकर फिल्म देखने वाला यह बुजुर्ग कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। जब आस्था सच्ची होती है, तो वह किसी भी बंधन से परे होती है।