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एस. जानकी की पोती अप्सरा का भावुक संदेश: 'मेरे आंसुओं से दादी के लिए मेरा प्यार मत आंकिए'

भारतीय सिनेमा की दिग्गज गायिका एस. जानकी के निधन के बाद उनकी पोती अप्सरा वैद्युला ने एक भावुक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने अपने शोक और प्यार को आंसुओं से न मापने की बात कही है। अप्सरा ने अपनी बड़ी बहन वर्षा को याद करते हुए बताया कि कैसे उनका रिश्ता अद्वितीय था। उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उनके शोक जताने के तरीके पर सवाल उठा रहे थे। अप्सरा का यह संदेश न केवल व्यक्तिगत है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाता है कि दुख को व्यक्त करने के कई तरीके होते हैं।
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एस. जानकी के निधन पर अप्सरा का भावुक पोस्ट

चेन्नई: भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका एस. जानकी ने अपनी आवाज से कई पीढ़ियों के दिलों में जगह बनाई। उनके निधन के बाद, प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं, जबकि उनका परिवार इस कठिन समय से गुजर रहा है। इस बीच, उनकी पोती अप्सरा वैद्युला ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया।


अप्सरा ने अपनी दादी को याद करते हुए उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उनके शोक और भावनाओं पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी के प्यार और शोक को उसके आंसुओं से नहीं मापा जाना चाहिए।


अप्सरा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत पोस्ट में अपनी बड़ी बहन वर्षा को याद किया, जो उनकी दादी की प्रिय थीं। उन्होंने लिखा, 'मेरी दादी की दुनिया में सबसे प्रिय व्यक्ति मेरी बड़ी बहन वर्षा थीं। दोनों के बीच एक ऐसा रिश्ता था, जिसे शब्दों में नहीं कह सकते। वे एक-दूसरे को बिना कहे समझती थीं।'


उन्होंने आगे कहा, 'मैं नहीं चाहती कि लोग यह भूल जाएं कि आज मैं जहां हूं, वहां मेरी बहन वर्षा होनी चाहिए थी। वह दादी की देखभाल करतीं और सभी जिम्मेदारियां निभातीं, जो अब मेरे हिस्से में हैं। अगस्त 2023 में वर्षा का निधन हो गया था और हमारा परिवार अब तक उस दुख से उबर नहीं पाया है। दुख कभी खत्म नहीं होता, बस इंसान उसके साथ जीना सीख जाता है। मुझे सुकून है कि अब दादी और वर्षा फिर से एक साथ हैं।'


अप्सरा ने उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उनके शोक जताने के तरीके पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा, 'पिछले कुछ दिनों में मैंने देखा है कि लोग मेरे दुख पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि उन्हें मेरी आंखों में आंसू नहीं दिख रहे। कृपया मेरी दादी के लिए मेरे प्यार को मेरे आंसुओं से मत आंकिए।'


उन्होंने कहा, 'दादी ने हमें सिखाया कि किसी इंसान की जिंदगी खत्म होने के बाद भी उसके लिए प्यार कभी खत्म नहीं होता। जिंदगी के अनुभवों ने मुझे मजबूत बना दिया है। दुख हमेशा शोर मचाकर सामने नहीं आता; कई बार यह शांत और निजी होता है।'


अप्सरा ने अपने पोस्ट में कहा कि सार्वजनिक जीवन का हिस्सा होने का मतलब अक्सर अफवाहों और अटकलों के साथ जीना होता है। उन्होंने लिखा, 'यह दुखद है कि लोग ऐसे परिवार के बारे में राय बना लेते हैं, जिसे वे जानते तक नहीं हैं। मैं चाहती हूं कि लोग मेरी दादी को उनके असली रूप में जानें। वह सरल, दयालु और विनम्र थीं। मेरी बहन वर्षा भी ऐसी ही थीं।'


अप्सरा ने अंत में लिखा कि उनकी दादी और बहन में हमेशा एक मासूम खुशी थी। वे जहां भी जाती थीं, सकारात्मक ऊर्जा लेकर जाती थीं। उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उन्हें पसंद करने लगता था। अब दोनों एक साथ हैं, और यही सोच मुझे सुकून देती है।