ऐश्वर्या राय बच्चन का 53वां जन्मदिन: एक आम लड़की से ग्लोबल स्टार बनने की कहानी
ऐश्वर्या का जन्मदिन और सफर
मुंबई: बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत और प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक, ऐश्वर्या राय बच्चन आज 1 नवंबर को अपने 53वें जन्मदिन का जश्न मना रही हैं। क्या आप जानते हैं कि 1973 में कर्नाटक के मैंगलोर में जन्मी ऐश्वर्या का सफर एक साधारण तुलु परिवार से मिस वर्ल्ड और फिर एक वैश्विक सितारे तक कैसे रहा? आइए, उनके 29 साल के फिल्मी करियर पर एक नजर डालते हैं।
शुरुआत और शिक्षा
ऐश्वर्या का जन्म 1 नवंबर 1973 को मैंगलोर में हुआ। उनके पिता, कृष्णराज राय, एक मरीन बायोलॉजिस्ट थे, जबकि मां वृंदा एक गृहिणी थीं। उनका एक बड़ा भाई आदित्य मर्चेंट नेवी में इंजीनियर है। परिवार ने बाद में मुंबई में शिफ्ट किया। ऐश्वर्या ने आर्य विद्या मंदिर और डीजी रूपारेल कॉलेज से अपनी पढ़ाई की, जहां उन्होंने एचएससी में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके साथ ही, उन्होंने 5 साल तक भरतनाट्यम और शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण लिया। हालांकि, पहले वह डॉक्टर और फिर आर्किटेक्ट बनना चाहती थीं, लेकिन मॉडलिंग के प्रस्तावों के चलते उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी।
मॉडलिंग से मिस वर्ल्ड तक
ऐश्वर्या ने अपने करियर की शुरुआत कैमलिन पेंसिल के विज्ञापन से बाल मॉडल के रूप में की। 1991 में, उन्होंने फोर्ड सुपरमॉडल प्रतियोगिता में भाग लिया। 90 के दशक की शुरुआत में, उन्हें फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगे। ऐश्वर्या ने बताया कि मिस इंडिया से पहले उन्हें आमिर खान की 'राजा हिंदुस्तानी' सहित चार फिल्में ऑफर हुई थीं, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए मना कर दिया।
जनवरी 1994 में, वह मिस इंडिया में सुष्मिता सेन के बाद रनर-अप रहीं। फिर, नवंबर 1994 में, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के सन सिटी में 86 देशों को पीछे छोड़कर मिस वर्ल्ड का खिताब जीता। यह खिताब जीतने वाली वह दूसरी भारतीय बनीं। उनके फाइनल में दिए गए करुणा और मानवता से भरे जवाब ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई।
फिल्मी करियर की शुरुआत
मिस वर्ल्ड बनने के तुरंत बाद, उन्होंने बॉलीवुड में कदम नहीं रखा। 1997 में, मणिरत्नम की तमिल फिल्म 'इरुवर' से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और उसी वर्ष 'और प्यार हो गया' से हिंदी सिनेमा में एंट्री की। 1998 में 'जीन्स' और 1999 में 'हम दिल दे चुके सनम' और 'ताल' ने उन्हें स्टार बना दिया। 'हम दिल दे चुके सनम' के लिए उन्हें पहला फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड मिला।
देवदास और कान्स फिल्म फेस्टिवल
2002 में संजय लीला भंसाली की 'देवदास' उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बनी। पारो के किरदार में उन्होंने कान्स फिल्म फेस्टिवल तक पहुंच बनाई। 2003 में, वह कान्स की जूरी में शामिल होने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनीं। 2004 में, टाइम मैगजीन ने उन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया। इस दौरान उन्होंने 'धूम 2', 'गुरु', 'जोधा अकबर' और 'गुजारिश' जैसी सफल फिल्में दीं।
ऐश्वर्या ने 'ब्राइड एंड प्रेजुडिस' (2004), 'द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेज', 'प्रोवोक्ड' और 'द पिंक पैंथर 2' जैसी अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने बताया कि उन्हें 'ट्रॉय', 'रश ऑवर' फ्रेंचाइजी, माइकल डगलस और विल स्मिथ की फिल्मों के प्रस्ताव मिले थे, लेकिन बॉलीवुड की व्यस्तता के कारण वह उन फिल्मों को नहीं कर पाईं।
परिवार और वापसी
अपने करियर की ऊंचाइयों के बीच, ऐश्वर्या ने 2007 में अभिषेक बच्चन से शादी की और 2011 में बेटी आराध्या के जन्म के बाद उन्होंने 5 साल का ब्रेक लिया। 2015 में 'जज्बा', 2016 में 'सरबजीत' और 'ऐ दिल है मुश्किल' से उन्होंने वापसी की। इसके बाद, 2022-23 में मणिरत्नम की 'पोन्नियिन सेल्वन 1 और 2' में नंदिनी के किरदार से उन्होंने साबित किया कि वह जटिल किरदारों को भी बखूबी निभा सकती हैं, जिसके लिए उन्हें 2024 में IIFA अवार्ड्स में बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड भी मिला।
2026 में भी जलवा बरकरार
ऐश्वर्या का जलवा आज भी कायम है। कान्स 2025 में, वह आइवरी बनारसी साड़ी में भारतीय हैंडलूम को प्रमोट करती नजर आईं। इसी साल मई में, वह कान्स के रेड कार्पेट पर अमित अग्रवाल के सैफायर ब्लू गाउन में दिखाई दीं। इसके अलावा, जून 2026 में उन्हें JW Marriott का पहला ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर बनाया गया और सितंबर 2026 में पेरिस फैशन वीक में लॉरियल की ग्लोबल एंबेसडर के रूप में रैंप वॉक किया। 53 साल की उम्र में भी, ऐश्वर्या खुद को 'धीरे चलने वाला कछुआ' कहती हैं, जो अपनी गति खुद निर्धारित करती हैं। इस खास मौके पर, उनके सभी प्रशंसक सोशल मीडिया पर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं और उनकी सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।
