कंगना रनौत ने हनुमान अंश फिल्म की की तारीफ, दर्शकों को किया प्रेरित
हनुमान अंश: एक आध्यात्मिक यात्रा
मुंबई: नीम करौली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक विचारों पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' इस समय दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सीमित बजट में निर्मित इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षा से अधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म की कमाई के आंकड़ों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इसी बीच, अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने फिल्म देखने के बाद इसकी सराहना की है।
कंगना ने बुधवार को सोशल मीडिया पर 'हनुमान अंश' के बारे में अपने विचार साझा किए। उन्होंने इसे सामान्य सिनेमा से अलग बताते हुए कहा कि यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सत्संग जैसा अनुभव है।
कंगना रनौत का रिव्यू
कंगना रनौत ने बताया हनुमान अंश का रिव्यू
कंगना ने अपने रिव्यू में बताया कि फिल्म में उन लोगों की छोटी-छोटी कहानियों को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने नीम करौली बाबा का प्रत्यक्ष अनुभव किया था। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे अपनी थेरेपी छोड़कर यह फिल्म देखें। कंगना की इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और बढ़ गई है। आध्यात्मिक विषय पर बनी इस फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों में उत्सुकता थी।
मधुर भंडारकर की सराहना
मधुर भंडारकर ने भी की फिल्म की तारीफ
कंगना से पहले, फिल्म निर्माता और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी 'हनुमान अंश' की प्रशंसा की थी। थिएटर में फिल्म देखने के बाद, उन्होंने इसके निर्देशन और कलाकारों के अभिनय की सराहना की। मधुर ने निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के काम को ईमानदार और संवेदनशील बताया। उन्होंने नीम करौली बाबा की भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्य के अभिनय की भी प्रशंसा की।
मधुर के अनुसार, बिना बड़े सितारों और बजट के बनी यह फिल्म भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक केस स्टडी है। उनका मानना है कि एक मजबूत कहानी और स्पष्ट सोच के साथ, कम बजट की फिल्म भी बड़े बजट वाली फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर चुनौती दे सकती है। उन्होंने फिल्म की पूरी टीम को बधाई दी और दर्शकों का भी धन्यवाद किया।
हनुमान अंश की कहानी
क्या है हनुमान अंश की कहानी
'हनुमान अंश' की कहानी लक्ष्मण दास के प्रारंभिक जीवन से शुरू होती है। यह फिल्म उनके आध्यात्मिक सफर और नीम करौली बाबा के रूप में उनकी पहचान बनने की यात्रा को दर्शाती है। फिल्म में आस्था, विनम्रता, निस्वार्थ सेवा और बिना शर्त प्रेम जैसे आध्यात्मिक मूल्यों को प्रमुखता दी गई है। कहानी के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि एक व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा उसके जीवन और उसके आस-पास के लोगों को कैसे प्रभावित कर सकती है। फिल्म में शोभिनव सत्य ने नीम करौली बाबा की भूमिका निभाई है। मेकर्स ने इसे भारत की संत परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से प्रेरित कहानी के रूप में प्रस्तुत किया है.
