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कृति सेनन के बोल्ड सीन्स ने 'कॉकटेल 2' में मचाई हलचल, क्या है विवाद?

फिल्म 'कॉकटेल 2' में कृति सेनन के बोल्ड सीन्स ने दर्शकों के बीच विवाद पैदा कर दिया है। फिल्म की रिलीज के बाद, सोशल मीडिया पर उनके बिकिनी लुक्स और क्लोज-अप शॉट्स को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स इसे महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे सेन्सुअल मानते हैं। इस विवाद की तुलना जाह्नवी कपूर की फिल्म 'पेड्डी' से की जा रही है, जहां भी इसी तरह के मुद्दे उठाए गए थे। जानें इस फिल्म के बारे में और क्या चर्चा हो रही है।
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कृति सेनन के बोल्ड सीन्स ने 'कॉकटेल 2' में मचाई हलचल, क्या है विवाद?

फिल्म 'कॉकटेल 2' की रिलीज


नई दिल्ली: शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की नई फिल्म 'कॉकटेल 2' अब सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये की शानदार शुरुआत की है, लेकिन इसे दर्शकों और समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। हालांकि, फिल्म की कहानी से ज्यादा चर्चा कृति सेनन के कुछ बोल्ड सीन्स की हो रही है। सोशल मीडिया पर कृति के बिकिनी लुक्स और क्लोज-अप शॉट्स को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।


क्लोज-अप शॉट्स पर विवाद

फिल्म के एक महत्वपूर्ण दृश्य में कृति सेनन बिकिनी में अपने फिगर को फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। इस दौरान कुछ क्लोज-अप शॉट्स दर्शकों को पसंद नहीं आ रहे हैं। इंटरनेट यूजर्स का मानना है कि भले ही दृश्य सेन्सुअल था, लेकिन नाभि और चेस्ट के क्लोज-अप दिखाना पूरी तरह से अनावश्यक था। कई यूजर्स इसे महिलाओं के अंग-प्रदर्शन को बढ़ावा देने के रूप में देख रहे हैं और इसे 'आई-कैंडी' के रूप में पेश करने का एक तरीका मानते हैं।


जाह्नवी कपूर की 'पेड्डी' से तुलना

इस विवाद की तुलना हाल ही में रिलीज हुई जाह्नवी कपूर की फिल्म 'पेड्डी' से की जा रही है। 'पेड्डी' के समय भी जाह्नवी के ग्लैमरस प्रेजेंटेशन पर सवाल उठाए गए थे। विवाद इतना बढ़ गया था कि निर्देशक को सफाई देनी पड़ी और कुछ सीन्स को हटाना पड़ा। अब 'कॉकटेल 2' के संदर्भ में यूजर्स हिंदी सिनेमा के दोहरे रवैये पर सवाल उठा रहे हैं।



बिकिनी सीन्स पर प्रतिक्रियाएं

एक यूजर ने लिखा, जो लोग जाह्नवी की फिल्म के समय महिलाओं के आई-कैंडी बनने पर रो रहे थे, वही आज कृति के सीन्स पर तालियां बजा रहे हैं। वहीं दूसरे यूजर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिनेमा का यह रवैया महिलाओं के इस तरह के चित्रण को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें दर्शक की सहमति या गरिमा का ख्याल नहीं रखा जाता। इस विवाद ने फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर दो फाड़ कर दिए हैं। एक तरफ कृति के लुक्स की तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी तरफ बॉलीवुड में एक्ट्रेसेस के ऑब्जेक्टिफिकेशन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।