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जया बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के वस्तुकरण की निंदा की

जया बच्चन ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के वस्तुकरण के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। जान्हवी कपूर की फिल्म 'पेद्दी' में उठे विवाद पर जया ने कहा कि महिलाओं को सेट पर असहज महसूस होने पर तुरंत बोलना चाहिए। उन्होंने अपने करियर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने एक बार वस्तुकरण का विरोध किया था। जया का मानना है कि आज भी महिलाओं को केवल आकर्षण का साधन बनाकर पेश किया जा रहा है, जो गलत है।
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जया बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के वस्तुकरण की निंदा की

जया बच्चन का सख्त बयान


जया बच्चन का सख्त बयान: अनुभवी अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन ने फिल्म उद्योग में महिलाओं के वस्तुकरण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में जान्हवी कपूर की फिल्म 'पेद्दी' को लेकर उठे विवाद पर जया ने अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की। उनका कहना है कि सेट पर ऐसी घटनाओं का तुरंत सामना करना चाहिए और उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


जान्हवी की फिल्म 'पेद्दी' पर जया का रिएक्शन

जया बच्चन ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके करियर में केवल एक बार ऐसा हुआ जब किसी निर्देशक ने उन्हें वस्तुकरण करने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत इसका विरोध किया और उस निर्देशक के साथ फिर कभी काम नहीं किया।


जया का गर्वित बयान

'लाइन क्रॉस करने की हिम्मत किसी ने नहीं की'


जया ने गर्व से कहा, 'मेरे साथ लाइन क्रॉस करने की हिम्मत किसी ने नहीं की।' यह घटना फिल्म 'शोर' की शूटिंग के दौरान हुई थी, जहां जया ने सड़क पर एक महिला का किरदार निभाया था। निर्देशक उनके किरदार को विशेष तरीके से ड्रेस करने की इच्छा रखते थे, लेकिन जया ने अपनी ऊपरी बॉडी को दुपट्टे से ढकने पर जोर दिया। इस पर काफी बहस हुई, लेकिन जया ने अपने स्टैंड को नहीं छोड़ा।


'पेद्दी' में जान्हवी के किरदार पर विवाद

'पेद्दी' में जान्हवी के किरदार पर मच रहा बवाल


जया ने स्पष्ट किया कि वे अपने सम्मान से कभी समझौता नहीं करेंगी। 'पेद्दी' फिल्म में जान्हवी कपूर के किरदार अचियम्मा को हाइपरसेक्शुअलाइज करने के आरोप लगे हैं। राम चरण के साथ उनके कुछ दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है। कई दर्शक और उद्योग के लोग इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ मानते हैं।


जया बच्चन ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि आज भी फिल्मों में महिलाओं को केवल आकर्षण का साधन बनाकर पेश किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। जया संसद में भी फिल्म उद्योग से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहती हैं। उन्होंने इस बार भी जोर देकर कहा कि महिलाओं को सेट पर असहज महसूस होने पर तुरंत बोलना चाहिए, क्योंकि चुप रहने से समस्या बढ़ती है।