जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि: संगीत प्रेमियों ने दी श्रद्धांजलि
जुबीन गर्ग की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि: असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग के निधन को आज एक वर्ष पूरा हो गया है। इस अवसर पर सोनपुर में उनके प्रशंसक, परिवार के सदस्य, कलाकार और आसू के नेता एकत्रित हुए। सभी ने मिलकर गायक की याद में गाने गाए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि
गुवाहाटी के बाहरी इलाके में बने अस्थाई स्मारक स्थल पर सुबह से ही लोग जुटने लगे। वहां जुबीन गर्ग के लोकप्रिय गाने गूंजते रहे। प्रशंसकों और कलाकारों ने उनकी संगीत यात्रा और समाज सेवा को याद किया। आसू के मुख्य सलाहकार डॉ. समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि आज हम जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देने आए हैं। एक साल बीत चुका है उस अप्रत्याशित घटना को। जुबीन गर्ग को न्याय मिलना चाहिए।
— ANI (@ANI) September 19, 2026
आसू अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज का दिन जुबीन गर्ग के लिए विशेष है, जब वह हमें छोड़कर चले गए। उनकी रचनाएं पूरे असम में मनाई जाएंगी। आने वाली पीढ़ियों को यह जानना चाहिए कि जुबीन गर्ग जैसे कलाकार थे जिन्होंने गैंडों के शिकार के खिलाफ बिहू मंचों को विरोध का स्थान बनाया।
जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुआ था। वे नॉर्थईस्ट इंडिया फेस्टिवल में प्रदर्शन करने वाले थे। गायक, संगीतकार और संगीतकार के रूप में उन्होंने कई भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए। हिंदी फिल्म गैंगस्टर के गाने 'या अली' से वे पूरे देश में पहचाने गए। कंगना रनौत की इस फिल्म ने उन्हें असम के बाहर भी लोकप्रिय बना दिया।
अपने पूरे करियर में जुबीन गर्ग असमिया संगीत और संस्कृति से जुड़े रहे। उन्होंने पारंपरिक असमिया धुनों को आधुनिक संगीत से जोड़ा। नॉर्थईस्ट की आवाज के रूप में वे हमेशा याद किए जाएंगे। उनकी संगीत विरासत और मानवीय योगदान को लोग आज भी सलाम करते हैं।
सोनपुर के स्मारक स्थल पर जुटे लोगों ने न केवल गाने गाए बल्कि न्याय की मांग भी की। पूरा माहौल भावुक था। प्रशंसक कह रहे थे कि जुबीन गर्ग की आवाज हमेशा उनके दिलों में रहेगी। असम की संगीत दुनिया में उनका स्थान हमेशा विशेष रहेगा।
