Newzfatafatlogo

जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका वापस लेने की अनुमति दी है। यह मामला अगस्त 2021 से शुरू हुआ था, जब एक महिला ने ठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और जैकलीन के कानूनी संघर्ष के बारे में।
 | 

जैकलीन फर्नांडिस का कानूनी संघर्ष जारी


बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट के निर्णय के खिलाफ दायर की गई विशेष अनुमति याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी। यह याचिका 30 मई 2026 को स्पेशल PMLA कोर्ट द्वारा जैकलीन के खिलाफ ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप तय करने के बाद दायर की गई थी। जैकलीन ने इस फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने सख्ती दिखाई, तो उनके वकील ने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।


मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला अगस्त 2021 से शुरू हुआ, जब अदिति सिंह नाम की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में उन्हें लगभग ₹200 करोड़ का चूना लगाया। इस शिकायत के आधार पर, दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला खोला।


सुकेश चंद्रशेखर का जैकलीन पर खर्च

ED के अनुसार, सुकेश ने इस धोखाधड़ी से प्राप्त धन का उपयोग जैकलीन फर्नांडिस सहित कई अन्य मशहूर हस्तियों को महंगे उपहार और लग्ज़री सामान देने में किया। आरोप है कि सुकेश ने जैकलीन पर लगभग ₹5.71 करोड़ खर्च किए, जिसमें लग्ज़री बैग, कीमती गहने, महंगी घड़ियां और उनके परिवार के लिए गाड़ियां शामिल थीं। इसके अलावा, सुकेश ने जैकलीन के परिवार के सदस्यों के विदेशी बैंक खातों में भी पैसे ट्रांसफर किए।


जैकलीन का हाई कोर्ट में प्रयास

जैकलीन फर्नांडिस ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपने खिलाफ चल रहे मामले और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, 3 जुलाई 2025 को हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जैकलीन की मंशा, उन्हें इस मामले की जानकारी थी या नहीं, और घोटाले में उनकी भूमिका का निर्णय केवल ट्रायल के दौरान ही किया जा सकता है। इस मामले को आरोप तय होने से पहले समाप्त नहीं किया जा सकता।