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टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी: पुलिस ने इंदौर से गिरफ्तार किया मुख्य आरोपी

टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी की जांच में इंदौर से प्रांजल ठाकुरान नामक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने बताया कि प्रांजल ने हमलावरों को हथियार मुहैया कराया था। मामले में सूरत रेलवे स्टेशन के पास से बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच भी चल रही है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि वारदात के लिए हथियारों की व्यवस्था किसने की और अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी। जानें इस मामले में आगे की कार्रवाई और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच के बारे में।
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जांच में नए मोड़


मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को हुई गोलीबारी की जांच अब एक हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क तक पहुंच गई है। पुलिस ने इस मामले में 22 वर्षीय प्रांजल ठाकुरान को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। उसे रविवार को मुंबई की एस्प्लेनेड अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, प्रांजल पर आरोप है कि उसने हमलावरों को देसी कट्टा मुहैया कराया और मुख्य आरोपी अनिल पंडित के संपर्क में था.


सुरागों की तलाश

पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि वारदात के लिए हथियारों की व्यवस्था किसने की, आरोपियों के बीच संपर्क कैसे बना और इस कथित साजिश में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी.


सूरत में बरामद हथियार

मुंबई पुलिस के अनुसार, सूरत रेलवे स्टेशन के बाहरी क्षेत्र में रेलवे पटरी के किनारे झाड़ियों से दो हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें तुर्की में निर्मित जिगाना पिस्तौल और एक देसी कट्टा शामिल हैं। मौके से दस जिंदा कारतूस भी मिले हैं.


पुलिस ने इन हथियारों और कारतूसों को फोरेंसिक और बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा है। विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि क्या बरामद हथियारों का संबंध घटनास्थल से मिले खाली कारतूसों से है, जो मामले में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते हैं.


आरोपियों की गतिविधियाँ

पुलिस की जांच के अनुसार, गोलीबारी के बाद आरोपी मुंबई के कांदिवली से टैक्सी के जरिए सूरत पहुंचे थे। वहां कथित तौर पर हथियार छोड़ने के बाद वे ट्रेन से दिल्ली चले गए। पुलिस को एक संदिग्ध शूटर से मिली जानकारी के आधार पर हथियारों तक पहुंचने में मदद मिली.


गिरफ्तारी की प्रक्रिया

पुलिस के अनुसार, प्रांजल अपने बीमार भाई के इलाज के लिए इंदौर आया था। उसके भाई को सोनीपत से इंदौर के एक उपचार केंद्र में भेजा गया था। जांचकर्ताओं का कहना है कि प्रांजल होटल में ठहरने के बजाय अस्पताल में रात बिताता था, ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो.


मुंबई क्राइम ब्रांच ने इंदौर पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद दोनों टीमों ने मिलकर कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार किया। अब पुलिस उसके संपर्कों और संभावित सहयोगियों के बारे में पूछताछ कर रही है.


जिगाना पिस्तौल की भूमिका

इस मामले में जिगाना पिस्तौल की आपूर्ति करने के संदेह में कुणाल सिंह की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि इस पिस्तौल का इस्तेमाल वारदात के दौरान किया गया था, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए बैलिस्टिक जांच आवश्यक होगी.


सोशल मीडिया की जांच

पुलिस के अनुसार, गोलीबारी से लगभग 15 दिन पहले प्रांजल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह कथित तौर पर हथियार के साथ दिखाई दिया। पुलिस उसके सोशल मीडिया संपर्कों और अन्य आपराधिक मामलों से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है, और मामले में आगे की कार्रवाई पूछताछ और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर होगी.