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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: नए खुलासे और गिरफ्तारियां

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने कई नए तथ्य उजागर किए हैं। हरियाणा पुलिस ने समीर नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जो मुख्य आरोपी रेहान के संपर्क में था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पैसे और विदेश में नौकरी का लालच दिया गया था। घटना के बाद से पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं और मामले की गहराई से जांच कर रही है। जानें इस मामले में और क्या खुलासे हुए हैं।
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में जांच की प्रगति


टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: बॉलीवुड के अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की जांच में पुलिस ने नए पहलुओं की खोज शुरू कर दी है। हरियाणा पुलिस ने सोनीपत से समीर नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो विदेश में रह रहे अनिल पंडित और मुख्य आरोपी रेहान के बीच संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पैसे और विदेश में नौकरी का लालच दिया गया था।


नरसी पार्क में हुई फायरिंग की घटना

18 अक्टूबर की शाम को, जब टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलकर अपनी कार में लौट रहे थे, तब नरसी पार्क के पास बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी कार पर कई राउंड फायरिंग की। इस हमले में अभिनेता सुरक्षित रहे, लेकिन उनके ड्राइवर और एक राहगीर घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया गया।


गिरफ्तार आरोपी और उनकी योजना

फायरिंग के अगले दिन, रेहान, फूल सिंह और रितिक कुमार को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, ये तीनों नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। मुंबई, राजस्थान और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद जांच का दायरा बढ़ा। समीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को हमले के लिए किस प्रकार तैयार किया गया।


आर्थिक लालच और संपर्क के तरीके

पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि समीर ने लगभग डेढ़ महीने पहले रेहान का संपर्क अनिल पंडित से कराया था। आरोप है कि अनिल ने रेहान को 35 हजार रुपये देने और विदेश में बसने का लालच दिया। रितिक को भी अच्छी नौकरी का प्रस्ताव दिया गया था। तीनों आरोपी लगभग एक महीने तक मुंबई में रहे। पुलिस के अनुसार, संपर्क के लिए ऐसे ऐप का उपयोग किया गया, जो पहचान छिपाने में मदद करते हैं। पैसों के लेनदेन और हथियारों की व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।


विदेश में बैठे आरोपी की खोज

पुलिस को संदेह है कि हमले से पहले लगभग दस दिनों तक रेकी की गई थी और घटना के समय भी हैंडलर से संपर्क बना हुआ था। जांच में सिग्नल और टेलीग्राम जैसे ऐप के उपयोग की संभावना भी सामने आई है। रेहान के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट और चोरी के मामले दर्ज हैं। अनिल पंडित हरियाणा के पानीपत जिले के रेर कलां गांव का निवासी है। वह 2023 में कनाडा के रास्ते अमेरिका पहुंचा था और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा हुआ बताया जाता है। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और हरियाणा एसटीएफ ने उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।