तेज प्रताप यादव का खुलासा: परिवार में दरार और राजनीति की सच्चाई
बिहार की राजनीति में यादव परिवार की खींचतान
नई दिल्ली: बिहार के यादव परिवार के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान ने लंबे समय से लोगों का ध्यान खींचा है। हाल ही में, तेज प्रताप यादव ने एक इंटरव्यू में अपने पारिवारिक संबंधों और राजनीतिक यात्रा पर खुलकर चर्चा की। 'भोजपुरी बवाल' शो में पत्रकार शुभांकर मिश्रा के साथ बातचीत में, तेज प्रताप ने परिवार में आई दूरियों के बारे में कई सवालों का सामना किया। उनके उत्तरों में नाराजगी और अपनों से दूर होने का दर्द स्पष्ट था।
सत्ता और रिश्तों में दरार
शो के दौरान, शुभांकर मिश्रा ने तेज प्रताप से पूछा कि क्या सत्ता और कुर्सी की ताकत परिवार के रिश्तों में दरार पैदा कर सकती है। इस पर तेज प्रताप ने अपने अनुभव को फिल्म 'बाहुबली' की कहानी से जोड़ते हुए कहा कि उनकी स्थिति भी कुछ वैसी ही है।
गद्दारी का खुलासा
जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या उनके साथ गद्दारी हुई है, तो तेज प्रताप ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि हां, गद्दारी हुई है और यह बात सभी ने देखी है। इसके बाद, उनसे जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाने की वजह, परिवार में भेदभाव और राजनीतिक जिम्मेदारियों पर सवाल किए गए। तेज प्रताप ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया, जबकि उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी गई।
लोग सब कुछ देख रहे हैं
बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने इस मुद्दे को अपने माता-पिता के सामने उठाया था, तो तेज प्रताप ने कहा कि लोग सब कुछ देख रहे हैं। जब उनके पिता लालू प्रसाद यादव द्वारा उनकी राजनीतिक उपेक्षा के बारे में सवाल किया गया, तो वह कुछ समय के लिए चुप हो गए।
उनके चेहरे के भावों से भावनात्मक तकलीफ स्पष्ट थी। परिवार और राजनीति के बीच तनाव पर तेज प्रताप की बेबाकी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। कई लोग उनके बयान को उनके लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक और राजनीतिक मतभेदों से जोड़कर देख रहे हैं।
