दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' में एक रुपये की फीस पर काम करने का खुलासा
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' में भूमिका
फिल्म 'सतलुज' हाल ही में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के विवादों और ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के कारण चर्चा में रही है। अब इस फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान ने एक दिलचस्प जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ ने इस फिल्म में काम करने के लिए केवल एक रुपये की प्रतीकात्मक फीस ली थी। उनके अनुसार, दिलजीत इस प्रोजेक्ट से गहराई से जुड़े हुए थे और इसे लेकर उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट थी.
दिलजीत का चयन क्यों किया गया?
हनी त्रेहान ने कहा कि अगर दिलजीत इस फिल्म का हिस्सा नहीं होते, तो शायद यह फिल्म बन ही नहीं पाती। उन्होंने बताया कि वह ऐसे अभिनेता की तलाश में थे जो पंजाब की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझता हो। उनके अनुसार, किसी अन्य बॉलीवुड अभिनेता को लेने से कहानी का केंद्र किरदार के बजाय अभिनेता पर आ जाता, जिससे जसवंत सिंह खालड़ा की वास्तविक यात्रा का सही चित्रण नहीं हो पाता.
दिलजीत की भावनात्मक प्रतिक्रिया
निर्देशक ने बताया कि 2021 में दिलजीत से मुलाकात के दौरान उन्होंने उन्हें फिल्म से जुड़े शोध दस्तावेज और जसवंत सिंह खालड़ा की तस्वीर दिखाई। तस्वीर देखकर दिलजीत भावुक हो गए। हनी त्रेहान ने कहा कि दिलजीत ने स्क्रिप्ट को माथे से लगाकर 'वाहेगुरु' कहा और कहा कि 'ऐसे महान व्यक्ति का किरदार निभाने के लिए फीस लेना शर्मनाक होगा।' इसके बाद उन्होंने औपचारिक अनुबंध के लिए केवल एक रुपये की फीस स्वीकार की.
फिल्म का विषय
'सतलुज' पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। खालड़ा ने 1984 से 1994 के बीच कथित तौर पर हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों की जांच की थी। अदालत के फैसलों के अनुसार, 1995 में उनका अपहरण कर पुलिस हिरासत में हत्या कर दी गई थी। इस फिल्म के माध्यम से उनके जीवन और संघर्ष को दर्शाया गया है.
शूटिंग के दौरान दिलजीत का सहयोग
हनी त्रेहान ने दिलजीत की पेशेवर प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान कई बार तकनीकी और प्रोडक्शन कारणों से देरी हुई, लेकिन दिलजीत ने कभी शिकायत नहीं की। निर्देशक के अनुसार, वह हमेशा यही कहते थे कि फिल्म का अच्छा होना सबसे महत्वपूर्ण है और वह पूरी टीम का हर संभव सहयोग करने के लिए तैयार थे.
फिल्म की चुनौतियाँ
'सतलुज' को रिलीज से पहले कई प्रमाणन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के कुछ समय बाद ही इसे हटा लिया गया, जिससे यह चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि, निर्देशक के इस खुलासे के बाद दिलजीत दोसांझ की फिल्म और उसके विषय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की व्यापक सराहना की जा रही है.
