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दिल्ली हाईकोर्ट ने मिर्जापुर फिल्म के शूरवीर गाने पर उठाए सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने मिर्जापुर: द मूवी में 'शूरवीर' गाने के उपयोग को लेकर निर्माताओं पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने निर्देश दिया है कि निर्माताओं को यह बताना होगा कि क्या गाने का उपयोग उचित है। यह मामला जनहित याचिका पर आधारित है, जिसमें गाने को हटाने की मांग की गई है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके मनोरंजन जगत पर प्रभाव।
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दिल्ली हाईकोर्ट का मिर्जापुर: द मूवी पर निर्णय


मिर्जापुर: द मूवी विवाद: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मिर्जापुर फिल्म के निर्माताओं पर कड़ी नजर रखी है। अदालत ने फिल्म में 'शूरवीर' गाने के उपयोग पर सवाल उठाए हैं। यह गाना महाराणा प्रताप को समर्पित है, लेकिन इसे फिल्म के क्लाइमेक्स में गैंगस्टर पात्रों के साथ बजाया गया है।


कोर्ट की सख्ती और निर्माताओं की जिम्मेदारी

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की बेंच ने निर्माताओं के वकील जय के भारद्वाज से कहा कि वे फिल्म का अवलोकन करें। अदालत ने पूछा कि क्या उनका विवेक इस बात से संतुष्ट है कि महाराणा प्रताप से संबंधित गाना ऐसे दृश्यों के बैकग्राउंड में चल रहा है। बेंच ने स्पष्ट किया कि उन्हें कल वापस आकर बताना होगा कि क्या उनका कॉन्शस इस उपयोग से संतुष्ट है या नहीं।


गाने के उपयोग पर उठे सवाल

यह मामला एक जनहित याचिका के आधार पर चल रहा है, जिसमें मांग की गई है कि फिल्म के क्लाइमेक्स से 'शूरवीर' गाने को हटाया जाए या इसके स्थान पर कोई अन्य बैकग्राउंड स्कोर लगाया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण हस्तियों से जुड़े गाने का उपयोग उनके चरित्र और मूल्यों के खिलाफ नहीं होना चाहिए।


गाने की पृष्ठभूमि

'शूरवीर' गाना रैपरिया बालम द्वारा जुलाई 2020 में जारी किया गया था। यह महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि के रूप में लिखा गया है, जिसमें मेवाड़, चेतक, बलिदान और महाराणा की विरासत का उल्लेख है। गाने की शुरुआत इन शब्दों से होती है – 'यह कोई गैंगस्टर सॉन्ग नहीं है।' याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में यही बात रखी कि जब गाना खुद बताता है कि यह गैंगस्टर गीत नहीं है, तो इसे फिल्म में गैंगस्टरों के साथ उपयोग करना उचित नहीं है।


निर्माताओं की जिम्मेदारी

एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड इस फिल्म की निर्माता कंपनी है। अदालत ने उनके वकील को निर्देश दिया कि वे फिल्म के उस हिस्से का ध्यानपूर्वक अवलोकन करें और फिर उत्तर दें। इस विवाद ने मनोरंजन उद्योग में चर्चा को बढ़ावा दिया है। कई लोग मानते हैं कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़े कलात्मक कार्यों का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।


मिर्जापुर सीरीज पहले से ही अपने बोल्ड और गैंगस्टर थीम के लिए जानी जाती है। अब फिल्म के संस्करण में इस गाने को लेकर नया विवाद उत्पन्न हो गया है।