दीपिका पादुकोण की पहली मुलाकात का दिलचस्प किस्सा साझा करते इंद्रजीत लंकेश
फिल्म 'जय हिंद जय सिंध' के निर्देशक की कहानी
मुंबई: निर्देशक इंद्रजीत लंकेश इन दिनों अपनी नई फिल्म 'जय हिंद जय सिंध' को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के करियर की शुरुआत से जुड़ी कुछ रोचक बातें साझा की हैं। इंद्रजीत ने बताया कि जब वह अपनी कन्नड़ फिल्म 'ऐश्वर्या' के लिए नई अभिनेत्री की खोज कर रहे थे, तब उनकी मुलाकात दीपिका से हुई थी। पहली मुलाकात में ही उन्हें यह समझ आ गया था कि दीपिका भविष्य में एक बड़ी स्टार बनेंगी।
इंद्रजीत ने कहा, 'मैं 'ऐश्वर्या' के लिए एक नया चेहरा चाहता था। इसी दौरान किसी ने दीपिका पादुकोण का नाम सुझाया। जब मैं उनसे मिला और बातचीत की, तो मैंने तुरंत तय कर लिया कि वह मेरी फिल्म की लीड एक्ट्रेस होंगी।'
निर्देशक ने अपनी पहली मुलाकात का एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया, 'मेरी और दीपिका की पहली मुलाकात लिफ्ट में हुई थी। मैंने फिल्म की कहानी सुनानी शुरू की, और जैसे ही मैंने दो लाइन्स बताईं, दीपिका ने तुरंत फिल्म के लिए हां कर दी। वह पहले से ही आत्मविश्वास से भरी हुई थीं। उन्हें बस एक ऐसा माहौल चाहिए था, जहां वह बिना किसी डर के अपने अभिनय का प्रदर्शन कर सकें। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह खुलकर अभिनय कर सकती हैं।'
इंद्रजीत ने कहा, 'पहली मुलाकात में ही मुझे दीपिका में कई ऐसी विशेषताएं नजर आईं, जो किसी बड़े कलाकार में होती हैं। उनकी लंबाई, प्रभावशाली व्यक्तित्व, और कैमरे के सामने उनकी उपस्थिति ने मुझे बहुत प्रभावित किया। मैंने उन्हें कहा था कि एक दिन वह दुनिया भर में अपनी पहचान बनाएंगी और हॉलीवुड की फिल्मों में भी काम करेंगी। कई साल बाद जब दीपिका ने विन डीजल के साथ फिल्म की, तब मुझे अपनी कही हुई बात याद आई।'
निर्देशक ने आगे बताया, 'कई लोग सोचते हैं कि दीपिका 'ऐश्वर्या' और 'ओम शांति ओम' पर एक साथ काम कर रही थीं, लेकिन ऐसा नहीं था। पहले 'ऐश्वर्या' की शूटिंग पूरी हुई और यह फिल्म सफलतापूर्वक 100 दिन चली। इसके बाद ही शाहरुख खान ने दीपिका को 'ओम शांति ओम' के लिए चुना।'
गौरतलब है कि 'ऐश्वर्या' 2006 में रिलीज हुई एक कन्नड़ रोमांटिक फिल्म थी, जिसका निर्देशन इंद्रजीत लंकेश ने किया था। इस फिल्म में उपेंद्र, दीपिका पादुकोण और डेजी बोपन्ना मुख्य भूमिकाओं में थे।
