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नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया, बीजेपी पर साधा निशाना

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में एक वीडियो में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कोलकाता के SRFTI छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी असहमति रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। छात्रों का विरोध 25 दिनों से जारी है, जिसमें वे सुरक्षा की कमी और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। शाह ने युवाओं से हिम्मत न हारने की अपील की और सरकार को चेतावनी दी कि सब कुछ याद रखा जाएगा। जानें इस मुद्दे की पूरी जानकारी।
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नसीरुद्दीन शाह का वीडियो संदेश


अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में जीत के बाद पार्टी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उनकी विचारधारा से असहमत हैं। इसके साथ ही, उन्होंने कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों के विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया।


छात्रों को नोटिस और हॉस्टल खाली करने का आदेश

वीडियो में, शाह ने कहा कि SRFTI के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे, लेकिन इसके बजाय उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की निगरानी की जा रही है और उन्हें धमकाया जा रहा है, साथ ही हॉस्टल खाली करने के लिए भी कहा जा रहा है। अभिनेता ने कहा कि असहमति रखने वालों को डराने और उनकी सोच को बदलने का प्रयास किया जा रहा है।


छात्रों का 25 दिनों से जारी विरोध

SRFTI के छात्र पिछले 25 दिनों से धरना दे रहे हैं। वे कैंपस में हुई हिंसा, सुरक्षा की कमी और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार भी किया है।


यह विरोध 27 सितंबर को संस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, वे संस्थान के कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।


प्रशासन और छात्रों के बीच विवाद

संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोकने का निर्णय लिया था। इसके साथ ही, छात्रों को 24 घंटे के भीतर हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया गया, जिसे छात्रों ने मानने से इनकार कर दिया।


प्रशासन का आरोप है कि कुछ छात्र अपने कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को कक्षाओं में जाने से रोक रहे थे। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। छात्र संघ ने इन आरोपों को खारिज किया है और प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।


जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन

नसीरुद्दीन शाह ने इससे पहले जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का समर्थन किया था। यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान बच्चों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं को लेकर शाह ने सरकार की आलोचना की थी।


युवाओं को हिम्मत न हारने की सलाह

शाह ने उस समय साझा किए गए वीडियो में कहा था कि उन्होंने अभिनय के दो अलग-अलग पाठ्यक्रम पूरे करने के बावजूद अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा उन विद्यार्थियों से सीखा, जिन्हें उन्होंने सिखाने की कोशिश की। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन जताया और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार पर गुस्सा जाहिर किया।


उन्होंने विद्यार्थियों से हिम्मत न हारने और अपनी लड़ाई जारी रखने की अपील की। शाह ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी से उन्हें हमेशा उम्मीद रही है और छात्रों के संघर्ष ने उनकी उम्मीद को और मजबूत किया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि सब कुछ याद रखा जाएगा।