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नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार: परिवार और प्रशंसकों का भावुक विदाई

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ा सदमा है। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जहां उनके बेटे मल्हार ने भावुकता के साथ पिता की विरासत को याद किया। नाना पाटेकर की सामाजिक सोच और कार्यों को आगे बढ़ाने का परिवार का संकल्प भी इस अवसर पर सामने आया। जानें उनके जीवन और कार्यों के बारे में और कैसे उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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भारतीय सिनेमा के दिग्गज का निधन


प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उनके प्रशंसकों को गहरे दुख में डाल दिया है। अपने अद्वितीय अभिनय और विशेष शैली के लिए जाने जाने वाले इस अभिनेता को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। उनका अंतिम संस्कार पुणे के बाहरी इलाके में स्थित उनके फार्महाउस पर गुरुवार रात को राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने रात करीब 11:30 बजे उन्हें मुखाग्नि दी।


अंतिम संस्कार की वजह बताई बेटे मल्हार ने

नाना पाटेकर का निधन गुरुवार सुबह गोवा में हुआ। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर पुणे लाया गया। परिवार को उम्मीद थी कि पार्थिव शरीर समय पर पहुंच जाएगा, लेकिन इसमें अधिक समय लग गया। अंतिम संस्कार के बाद मल्हार ने पत्रकारों से कहा कि इस दुखद घटना के बाद काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।


नाना साहब की अमर विरासत

पिता के निधन के दुख में मल्हार पाटेकर ने उनके जीवन और कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि नाना साहब जैसे लोग वास्तव में कभी नहीं जाते, क्योंकि उनका काम उन्हें अमर बना देता है। मल्हार ने बताया कि उनके पिता का हमेशा मानवता के लिए काम करने का दृष्टिकोण रहा। वह अक्सर लोगों को एकजुट होकर दुनिया को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करते थे। उनके विचार परिवार के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे।


समाजसेवा का कार्य जारी रहेगा नाम फाउंडेशन के माध्यम से

मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर की सामाजिक सोच उनके कार्यों में स्पष्ट थी। नाम फाउंडेशन के माध्यम से पानी के क्षेत्र में पहले से काम चल रहा था। इसके अलावा, कश्मीर में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े बड़े प्रयास भी शुरू किए गए थे। मल्हार ने कहा कि उनके पिता ने जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को सौंप दिया था। परिवार का प्रयास रहेगा कि उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक कार्य आगे भी जारी रहें।


गोवा में बिगड़ी थी तबीयत

नाना पाटेकर का निधन गोवा में दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार तड़के उन्होंने बेचैनी महसूस की और अपने एक मित्र को फोन किया। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख ने उनके निधन की पुष्टि की। उनके जाने से भारतीय सिनेमा ने एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कलाकार खो दिया है।