पवन सिंह और मनोज तिवारी की दोस्ती: भोजपुरी पुरस्कार समारोह में हंसी-मजाक का माहौल
भोजपुरी पुरस्कार समारोह में पवन और मनोज की मस्ती
सोमवार को आयोजित भोजपुरी पुरस्कार समारोह में पवन सिंह और मनोज तिवारी ने अपनी बातचीत से माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस कार्यक्रम में भोजपुरी की मशहूर अभिनेत्रियां मोनालिसा और नीलम गिरी भी शामिल थीं। बातचीत के दौरान, मनोज तिवारी ने मजाक में कहा कि पवन सिंह अब उनका फोन नहीं उठाते। उन्होंने एक बार बताया कि एक कार्यक्रम में पवन को रात में फोन करके एक लाख रुपये मांगने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस पर पवन ने तुरंत माफी मांगी और कहा कि उन्हें खेद है। इसके बाद, दोनों कलाकारों ने अपने पुराने दिनों और संबंधों पर चर्चा की।
पवन सिंह ने फोन न उठाने पर मांगी माफी
मनोज तिवारी ने मंच पर पवन सिंह का हाथ पकड़कर कहा कि वह अब उनका फोन नहीं उठाते। पवन ने सम्मानपूर्वक जवाब दिया और अपनी बात रखने की कोशिश की। मनोज ने यह भी बताया कि एक शो के दौरान पवन से संपर्क करने और उनसे एक लाख रुपये मांगने के लिए कहा गया था।
पवन ने कहा कि उन्हें भी उस कार्यक्रम में आने के लिए फोन आया था, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि शो में किन लोगों के साथ शामिल होना है, तो उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया। मनोज ने उन्हें एक दिन कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया, जिस पर पवन ने कहा कि वह जरूर आएंगे और मजाक में अपनी गायकी के अनुभव का जिक्र किया। मनोज ने कहा कि पवन कई मामलों में उनसे वरिष्ठ हैं।
कोलकाता के कार्यक्रम की यादें
मनोज तिवारी ने बातचीत के दौरान पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वह पवन सिंह को गोद में उठाकर कोलकाता के मंच तक ले गए थे। पवन ने भी उस समय की एक घटना का जिक्र किया और बताया कि वहां उन्होंने मनोज की मदद की थी।
मनोज ने मजाक में कहा कि भोजपुरी जगत में उनकी इस बातचीत को रिकॉर्ड किया जाना चाहिए। उन्होंने पवन की तारीफ करते हुए कहा कि अगर पवन उन्हें सम्मानित करेंगे, तो यह उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। इस नोकझोंक में हंसी-मजाक के साथ पुरानी दोस्ती की झलक भी देखने को मिली।
मनोज तिवारी के संघर्ष के दिनों की याद
पवन सिंह ने एक पुराने कार्यक्रम का किस्सा सुनाते हुए बताया कि उस समय मनोज तिवारी का गला खराब था और सर्दी के कारण उन्हें गाने में परेशानी हो रही थी। पवन के अनुसार, कार्यक्रम में मंच पर जाने की जरूरत पड़ी तो मनोज ने उनसे हारमोनियम मंगवाया था।
मनोज ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह एक दिन सांसद बनेंगे। इस बातचीत ने दोनों कलाकारों के शुरुआती दौर और उनके लंबे सफर की यादें ताजा कर दीं।
पवन बिना चप्पल के मंच पर
समारोह के दौरान पवन सिंह बिना चप्पल-जूतों के मंच पर दिखाई दिए। मनोज तिवारी ने उनसे पूछा कि उनके जूते-चप्पल कहां हैं। पवन ने जवाब दिया कि मनोज ने उन्हें संस्कार और व्यवहार बनाए रखने की सीख दी थी, इसलिए कुछ मौकों पर उन्हें लगता है कि जूते-चप्पल पहनना उचित नहीं है।
पवन सिंह का भावुक पल
बातचीत का सबसे भावुक क्षण तब आया जब पवन सिंह ने मनोज तिवारी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आज उनके जैसे कलाकार मंच पर सम्मान के साथ पहुंचते हैं और लोगों के सामने अपनी बात रख पाते हैं, तो इसके पीछे मनोज जैसे वरिष्ठ कलाकारों का भी योगदान है।
पवन ने मनोज तिवारी के पैर छुए और कहा कि अगर उन्हें यह अवसर और पहचान नहीं मिली होती, तो शायद वह कहीं खेती कर रहे होते या 1,500 से 2,000 रुपये की नौकरी कर रहे होते। पवन के इस बयान ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा और दोनों कलाकारों के बीच सम्मान के रिश्ते को चर्चा में ला दिया।
