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प्रदीप रावत का निधन: फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

प्रदीप रावत, जो 'गजनी' और 'महाभारत' जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए जाने जाते थे, का निधन हो गया है। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। अभिनेता लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे और 74 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जीवन और करियर के बारे में जानें, जिसमें उन्होंने कई भाषाओं में फिल्में कीं और थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की।
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प्रदीप रावत का निधन

मुंबई: अभिनेता प्रदीप रावत के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्होंने 'लगान', 'गजनी' और 'महाभारत' जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय से पहचान बनाई। उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में फिल्म निर्माता अशोक पंडित भी शामिल हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया।


अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम पर प्रदीप रावत की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "हमारे प्रिय मित्र प्रदीप रावत एक अद्भुत अभिनेता और बेहतरीन इंसान थे। उनके निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनके परिवार और करीबी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।"


उन्होंने आगे बताया कि प्रदीप रावत के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक गोरेगांव वेस्ट स्थित इंपीरियल हाइट्स में रखा जाएगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे के बाद जोगेश्वरी वेस्ट में ओशिवारा ब्रिज के पास किया जाएगा। ओम शांति।


प्रदीप रावत के निधन की खबर से उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत के लोगों में शोक की लहर है। वह लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे और 74 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली।


प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। वह एक आर्मी परिवार से थे और शुरू में उनका सपना सेना में जाने का था, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने बैंक में नौकरी की, लेकिन उनका मन वहां नहीं लगा। अंततः उन्होंने थिएटर में कदम रखा और यहीं से उनके अभिनय का सफर शुरू हुआ।


उन्होंने राज बब्बर के थिएटर ग्रुप 'एकजुट' से अभिनय की बारीकियां सीखी। 1985 में फिल्म 'मेरी जंग' से उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया और अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई।


उन्हें सबसे बड़ी पहचान बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय टीवी शो 'महाभारत' में अश्वत्थामा के किरदार से मिली। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया।


फिल्म 'गजनी' में निभाया गया उनका खलनायक का किरदार आज भी याद किया जाता है। 2005 में आई तमिल फिल्म 'गजनी' में उन्होंने विलेन का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। इसके बाद 2008 में आमिर खान की हिंदी फिल्म 'गजनी' में भी उन्होंने वही भूमिका निभाई और उनकी लोकप्रियता और बढ़ गई।


इसके अलावा प्रदीप रावत 'लगान', 'सरफरोश', 'बागी', 'पत्थर के फूल', 'संगदिल सनम' जैसी कई अन्य फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर में लगभग 150 फिल्मों में काम किया। उनकी आखिरी हिंदी फिल्म विक्की कौशल स्टारर 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का किरदार निभाया था।