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प्रधानमंत्री मोदी का बच्चों के स्क्रीन टाइम पर संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बच्चों में मोबाइल और टीवी देखने की बढ़ती लत पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को वीडियो गेम के बजाय मैदान में खेलने के लिए प्रेरित करें। मोदी ने कहा कि खेलों में रुचि बढ़ाने से बच्चे स्क्रीन की लत से बाहर निकल सकते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने शिक्षा जगत के लिए महत्वपूर्ण संदेश दिया कि शिक्षकों को बच्चों की वास्तविक जिंदगी से जुड़ना चाहिए। बच्चों का बचपन बनाए रखने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
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स्क्रीन टाइम की बढ़ती लत


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों में मोबाइल और टीवी देखने की बढ़ती आदत पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम अब एक प्रकार की लत बनता जा रहा है। पीएम ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को वीडियो गेम के बजाय मैदान में खेलने के लिए प्रेरित करें।


खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने का सुझाव

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों में से एक से बातचीत के दौरान कहा कि यदि बच्चे खेलों में रुचि लेने लगें, तो वे धीरे-धीरे स्क्रीन की लत से बाहर निकल सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय वीडियो गेम से नहीं, बल्कि असली खेलों से है।


शिक्षा जगत के लिए महत्वपूर्ण संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका संदेश केवल पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों के लिए नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा क्षेत्र के लिए है। शिक्षकों को चाहिए कि वे किताबों और पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर बच्चों की वास्तविक जिंदगी से जुड़ें।


बच्चों का बचपन बनाए रखना

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों का बचपन खत्म नहीं होना चाहिए। इसमें शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक का कार्य यह है कि बच्चों के भीतर बचपन को बनाए रखा जाए।


रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना

पीएम ने कहा कि बच्चों को जितना अधिक रचनात्मक कार्यों में शामिल किया जाएगा, उतना ही बेहतर होगा। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिनसे बच्चे रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें।