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प्रसिद्ध फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन, सिनेमा जगत में शोक की लहर

भारतीय सिनेमा जगत ने एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व खो दिया है। पहलाज निहलानी, जो कि एक प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और CBFC के पूर्व अध्यक्ष थे, का हाल ही में निधन हो गया। उनके चार दशकों के करियर में कई चर्चित फिल्मों का निर्माण किया गया। निहलानी का कार्यकाल विवादों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने सिनेमा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस लेख में उनके जीवन, करियर और सिनेमा में उनके योगदान पर चर्चा की गई है।
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प्रसिद्ध फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन, सिनेमा जगत में शोक की लहर

पहलाज निहलानी का निधन

भारतीय फिल्म उद्योग से एक अत्यंत दुखद समाचार आया है। अनुभवी फिल्म निर्माता, वितरक और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का गुरुवार को मुंबई में निधन हो गया। उनकी उम्र 76 वर्ष थी। रिपोर्टों के अनुसार, निहलानी कुछ समय से बीमार थे और उनका इलाज मुंबई के नानावती अस्पताल में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से बॉलीवुड और सिनेमा की दुनिया में शोक की लहर फैल गई है।


निहलानी हिंदी सिनेमा के व्यावसायिक फिल्म क्षेत्र में एक प्रमुख नाम थे। चार दशकों से अधिक के अपने करियर में, उन्होंने कई प्रमुख फिल्मों का निर्माण किया, जिनमें 'हथकड़ी', 'इल्ज़ाम', 'शोला और शबनम', 'आँखें', 'दिल तेरा दीवाना', 'तलाश', 'जूली 2' और 'रंगीला राजा' शामिल हैं।


फिल्मों में योगदान

उनकी 1986 की फिल्म 'इल्ज़ाम' से गोविंदा ने अपने करियर की शुरुआत की, जबकि 'आग ही आग' ने चंकी पांडे को पहचान दिलाई। निहलानी ने शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेंद्र, गोविंदा, चंकी पांडे और दिव्या भारती जैसे कई प्रमुख अभिनेताओं के साथ काम किया।


जनवरी 2015 में, निहलानी को CBFC का अध्यक्ष बनाया गया था, और वे अगस्त 2017 तक इस पद पर बने रहे, जब प्रसून जोशी ने उनकी जगह ली।


विवादास्पद कार्यकाल

उनका कार्यकाल कई विवादों से भरा रहा। उनके अध्यक्ष रहते हुए 'उड़ता पंजाब', 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' और 'इंदु सरकार' जैसी फिल्मों को सर्टिफिकेशन में देरी, कट लगाने के सुझाव और सार्वजनिक बहस का सामना करना पड़ा।


निहलानी अक्सर सर्टिफिकेशन नियमों और सामग्री, संस्कृति तथा सार्वजनिक प्रदर्शन से संबंधित चिंताओं का हवाला देकर CBFC के निर्णयों का समर्थन करते थे। हालांकि, उनके कार्यकाल की आलोचना भी हुई, जिसमें फिल्म निर्माताओं और उद्योग से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि बोर्ड सर्टिफिकेशन से आगे बढ़कर सेंसरशिप की ओर जा रहा है।


फिल्म इंडस्ट्री में सक्रियता

CBFC में अपने कार्यकाल से पहले, निहलानी कई वर्षों तक 'एसोसिएशन ऑफ़ मोशन पिक्चर्स एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स' के अध्यक्ष भी रहे। CBFC छोड़ने के बाद भी, निहलानी फिल्म उद्योग से जुड़े मुद्दों पर अपनी बेबाक राय व्यक्त करते रहे और अक्सर 1980 और 1990 के दशक के अभिनेताओं और निर्माताओं के साथ अपने अनुभव साझा करते थे।