फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता: लेखक विशाल चतुर्वेदी की अनोखी लेखन प्रक्रिया
फिल्म 'हनुमान अंश' की बॉक्स ऑफिस सफलता
बॉलीवुड की फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 150 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इस सफलता के बीच, फिल्म के लेखक और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने अपनी लेखन प्रक्रिया के बारे में कुछ रोचक बातें साझा की हैं।
विशाल चतुर्वेदी का अनोखा लेखन तरीका
विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने कहानी लिखने के दौरान अपने कमरे से सभी डिजिटल उपकरण हटा दिए थे। उन्होंने न तो लैपटॉप का इस्तेमाल किया और न ही मोबाइल फोन का। पूरी स्क्रिप्ट उन्होंने हाथ से, पेन और पेपर पर लिखी। यह फिल्म नीम करोली बाबा के जीवन और उनके शिक्षाओं पर आधारित है। उन्होंने बताया कि पहले दृश्य पर काम करने में उन्हें लगभग 45 दिन लगे, जबकि बाकी कहानी को उन्होंने केवल 15 से 20 दिनों में पूरा किया।
डिजिटल उपकरणों से दूरी का कारण
विशाल चतुर्वेदी ने इस कहानी को फिल्म में बदलने का सपना काफी समय से देखा था। उन्होंने पहले अच्छी तरह से रिसर्च की, कई संदर्भ एकत्र किए और विचारों पर मंथन किया। जब उन्होंने लिखना शुरू किया, तो सब कुछ हाथ से नोट किया। बाद में, अपने लिखे हुए पन्नों की तस्वीरें अपने सहायक को भेजते थे, जो उन्हें डिजिटल फॉर्म में टाइप कर देते थे। उनका मानना है कि हाथ से लिखने से ध्यान पूरी तरह कहानी पर केंद्रित रहता है और कोई भी विकर्षण नहीं होता।
फिल्म की लोकप्रियता
फिल्म 'हनुमान अंश' में शोभिनव सत्या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की शुरुआत धीमी रही, लेकिन दर्शकों का प्यार मिलने के बाद यह एक सरप्राइज हिट बन गई। रिलीज के एक महीने बाद भी फिल्म का कलेक्शन जारी है। 9 सितंबर को, यानी 34वें दिन, फिल्म ने भारत में नेट 10.25 करोड़ रुपये कमाए। इस दिन 7810 शो हुए और औसतन 35 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी रही।
विशाल चतुर्वेदी का यह लेखन तरीका आज के डिजिटल युग में अनोखा प्रतीत होता है। जबकि अधिकांश लेखक लैपटॉप पर काम करते हैं, उन्होंने पुराने तरीके को अपनाया। इससे उनकी फोकस बेहतर रही और कहानी को गहराई से जोड़ने में मदद मिली। फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में चल रही है और दर्शक इसे पसंद कर रहे हैं। नीम करोली बाबा की कहानी को सिनेमाई रूप में प्रस्तुत करने की उनकी मेहनत रंग ला रही है।
