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महान गायिका एस. जानकी का निधन: संगीत जगत में शोक की लहर

महान पार्श्व गायिका एस. जानकी का निधन शनिवार को हुआ, जिससे केरल में शोक की लहर दौड़ गई। फिल्म जगत की कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके संगीत के योगदान को याद किया। जानकी ने 20 से अधिक भाषाओं में 48,000 से अधिक गीत गाए, जो भारतीय संगीत की धरोहर का हिस्सा हैं। उनके निधन को भारतीय सिनेमा और संगीत के एक गौरवमयी युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
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एस. जानकी का निधन

रविवार को केरल में महान पार्श्व गायिका एस. जानकी के निधन पर विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने शोक व्यक्त किया। फिल्म उद्योग की प्रमुख हस्तियों, संगीतकारों और समाज के अन्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और भारतीय फिल्म संगीत में उनके अद्वितीय योगदान को याद किया।


जानकी का निधन शनिवार को मैसुरु के एक निजी अस्पताल में वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों के कारण हुआ। उनकी उम्र 88 वर्ष थी।


परिवार के सूत्रों के अनुसार, उन्हें शुक्रवार रात सांस लेने में कठिनाई के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शनिवार को उनका निधन हो गया।


फिल्मी जगत से शोक संदेश

पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने कहा कि जानकी का निधन भारतीय सिनेमा और संगीत के एक गौरवमयी युग के अंत का प्रतीक है।


विजयन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, 'वह भले ही किसी अन्य राज्य से थीं, लेकिन उनकी आवाज हर मलयाली के दिल में बसी हुई है। उन्होंने अपने हर गीत के माध्यम से हमारी गहरी भावनाओं को व्यक्त किया और हमारी यादों का अभिन्न हिस्सा बन गईं।' उन्होंने यह भी कहा कि जानकी का संगीत आने वाली पीढ़ियों तक गूंजता रहेगा।


अभिनेता मोहनलाल का श्रद्धांजलि

अभिनेता मोहनलाल ने फेसबुक पर जानकी को 'भारत की बुलबुल' बताते हुए कहा कि उनके भावपूर्ण गीतों ने एक पूरे युग को परिभाषित किया।


उन्होंने बताया कि जानकी ने उनकी पहली फिल्म 'मंजिल विरिंजा पूक्कल' के लिए गाने गाए थे और इसके लिए वह हमेशा उनके ऋणी रहेंगे।


मोहनलाल ने कहा कि जानकी ने अपनी जादुई आवाज से हर मानवीय भावना को स्वर दिया। उन्होंने कहा कि वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि जानकी द्वारा गाए गए कई गीतों में उनका फिल्मांकन हुआ।


अन्य कलाकारों की श्रद्धांजलि

अभिनेता ममूटी ने जानकी का एक चित्र साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेत्री मंजू वारियर ने भी फेसबुक पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'कला अमर रहती है।'


पार्श्व गायक जी. वेणुगोपाल ने कहा कि जानकी द्वारा गाए गए मधुर गीत हमेशा जीवित रहेंगे।


पार्श्व गायक एम. जी. श्रीकुमार ने जानकी की गायन शैली को 'संगीत के हर विद्यार्थी के लिए एक पाठ्यपुस्तक' बताया।


संगीतकार एम. जयचंद्रन ने कहा कि जानकी पवित्रता, विनम्रता, प्रेम और समर्पण की प्रतीक थीं। जानकी ने 20 से अधिक भाषाओं में 48,000 से अधिक गीत रिकॉर्ड किए, जिनमें कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं के गीत शामिल हैं।