मौसमी चटर्जी की बेटी को अनोखी सलाह: शादी जरूरी नहीं, खुद पर ध्यान दें!
मुंबई में मौसमी चटर्जी का जीवन अनुभव
मुंबई: प्रसिद्ध अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने अपने करियर की शुरुआत 12-13 साल की उम्र में 'बालिका बधू' से की थी, लेकिन उनकी व्यक्तिगत जिंदगी में कई चुनौतियाँ आईं। कम उम्र में मशहूर गायक हेमंत कुमार के बेटे जयंत मुखर्जी से विवाह और जल्दी मातृत्व की जिम्मेदारी ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। अब, 70 वर्ष की आयु में, मौसमी ने अपनी छोटी बेटी मेघा को एक सलाह दी है, जो चर्चा का विषय बन गई है।
मौसमी की बेबाक सलाह
एक साक्षात्कार में मौसमी ने कहा, "मैं अपनी बेटी को बताती हूं कि तुम्हारा बॉयफ्रेंड हो सकता है, लेकिन उससे शादी करना आवश्यक नहीं है।" उनकी यह स्पष्ट सलाह सुनकर वहां मौजूद लोग चकित रह गए। इसके अलावा, उन्होंने आज की महिलाओं को खुद पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "लड़कियों, आज के समय में सतर्क रहो। थोड़ा स्वार्थी और आत्म-केंद्रित बनो, क्योंकि समय बदल चुका है। गीता में भी कहा गया है, परिवर्तन ही संसार का नियम है।" मौसमी का मानना है कि हमें बेटियों को ससुराल की जिम्मेदारियों के बारे में सिखाते हैं, लेकिन बेटों को घर की जिम्मेदारियों के लिए नहीं। इस सोच में बदलाव की आवश्यकता है।
'जो पसंद है वो करो' का मंत्र
उन्होंने आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी बहुत तनाव में है और उनके पास खुद के लिए समय नहीं है। मौसमी ने अपना जीवन मंत्र साझा किया, "किसी को कुछ साबित करने के लिए कुछ मत करो। जो पसंद है वो करो, लेकिन सीमाएं पार मत करो। गलती एक बार होती है, उसे दोहराना नहीं चाहिए। मैंने भी गलतियां कीं, लेकिन उनसे सीखकर आगे बढ़ी।"
बड़ी बेटी की याद में मौसमी का दर्द
मौसमी के जीवन में एक बड़ा दुख उनकी बड़ी बेटी पायल की मृत्यु है। 2019 में, पायल का निधन डायबिटीज के कारण हुआ, और वह दो साल तक कोमा में रहीं। मौसमी ने तब आरोप लगाया था कि दामाद और उसके परिवार ने पायल के इलाज में लापरवाही बरती। इसके लिए उन्होंने 2018 में बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी।
पायल को याद करते हुए मौसमी ने कहा, "मैं और मेरे पति इस सदमे से कभी उबर नहीं पाए। यह खालीपन जीवनभर रहेगा। जब बच्चे की मौत होती है, तो कोई भी इससे उबर नहीं सकता। मेरे पति रात में उठकर पायल का नाम लेकर रोते थे।"
