राज बब्बर: एक अभिनेता की संघर्ष और सफलता की कहानी
राज बब्बर का प्रारंभिक जीवन
राज बब्बर का जन्म एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके दादा और पिता रेलवे में कार्यरत थे। बंटवारे के बाद, उनका परिवार आगरा के टुंडला में बस गया। राज ने अपना बचपन किराए के घर में बिताया और आगरा कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की। 1975 में, उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (NSD) से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। NSD में मेथड एक्टिंग की ट्रेनिंग ने उन्हें स्ट्रीट थिएटर से बड़े पर्दे तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त किया। मुंबई आने के बाद, उन्होंने लगभग 14 फ़िल्मों में छोटे-छोटे रोल किए। उनकी पहली फ़िल्म *शारदा* थी, जिसमें उनका केवल एक लाइन का डायलॉग था। 1980 में, उन्हें बी.आर. चोपड़ा की फ़िल्म *इंसाफ़ का तराज़ू* से बड़ा ब्रेक मिला, जिसमें उन्होंने एक रेपिस्ट का किरदार निभाया।
प्रीमियर का दर्दनाक अनुभव
राज बब्बर अपनी माँ के साथ फ़िल्म के प्रीमियर में गए थे। फ़िल्म में रेप सीन देखकर उनकी माँ की आँखों में आँसू आ गए। राज ने एक टीवी शो में बताया, "जब फ़िल्म का प्रीमियर हुआ, तो मैं अपनी माँ के साथ दिल्ली के विज्ञान भवन में फ़िल्म देखने गया। इंटरवल के दौरान, किसी ने हमें पहचाना नहीं और हम फ़िल्म देखते रहे। मुझे बहुत बुरा-भला सुनना पड़ा; लोग मुझे कोस रहे थे।" उन्होंने आगे कहा, "मेरी माँ बहुत परेशान थीं। टैक्सी में बैठने के बाद वे रोने लगीं। पहले तो मुझे लगा कि ये खुशी के आँसू हैं, लेकिन जब उन्होंने कहा कि 'बेटा, हम कम खाना खाकर भी गुज़ारा कर सकते हैं, लेकिन ऐसा काम मत करना', तब मुझे समझ आया कि मैंने क्या किया।"
राज बब्बर का करियर
राज बब्बर ने फ़िल्म *निकाह* (1982) में सलमा आगा और दीपक पाराशर के साथ शानदार अभिनय किया। उन्हें *आज की आवाज़* (1984) में स्मिता पाटिल के साथ एक प्रोफेसर से वॉचमैन बने व्यक्ति के रोल के लिए भी सराहना मिली। उनके करियर में कई फ़िल्मों में विलेन के किरदार शामिल हैं, जैसे *इंसाफ का तराजू* (1980), *साज़िश* (1988), *आँखें* (1993), और *इंडियन* (2001)।
प्रेम कहानी और परिवार
राज बब्बर की पहली पत्नी नादिरा ज़हीर से प्रेम कहानी थिएटर की दुनिया से शुरू हुई। उनकी पहली मुलाकात NSD में हुई थी। शादी के समय, राज का परिवार चाहता था कि नादिरा अपना धर्म बदल लें, लेकिन राज ने साफ़ कहा कि वह नादिरा हैं और नादिरा ही रहेंगी। इस जोड़े ने 1975 में बिना किसी धर्म परिवर्तन के एक गुरुद्वारे में शादी की। उनके दो बच्चे, जूही और आर्या, हुए।
स्मिता पाटिल का प्रभाव
राज बब्बर की मुलाकात एक्ट्रेस स्मिता पाटिल से हुई। उनका रिश्ता इतना गहरा हो गया कि राज ने 1983 में स्मिता से शादी करने के लिए अपनी पहली पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। स्मिता ने 1986 में बेटे प्रतीक को जन्म दिया, लेकिन डिलीवरी के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पारिवारिक विवाद
हाल के वर्षों में, राज बब्बर और उनके बेटे प्रतीक के रिश्ते में खटास आ गई है। प्रतीक ने अपनी शादी में राज बब्बर को नहीं बुलाया और 'प्रतीक स्मिता पाटिल' नाम अपनाया। राज बब्बर की पहली पत्नी से हुए बेटे आर्या ने भी प्रतीक पर आरोप लगाया कि वह अपने पिता की दौलत का फ़ायदा उठाना चाहता है।
शाहरुख़ खान का मज़ेदार सवाल
शाहरुख़ खान ने एक बार राज बब्बर से मज़ाक में पूछा था कि क्या वह सच में किसिंग सीन करते हैं। राज ने हंसते हुए जवाब दिया, "बेटा, आंटी से पूछो; वही तुम्हें बताएंगी।"
