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राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की, जिसमें अभिनेता ने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया। CJI ने उनसे फिल्मों के बारे में पूछा और निर्देश दिए कि वह निर्धारित रकम जमा करें। जानें इस मामले की पूरी कहानी और राजपाल यादव की स्थिति के बारे में।
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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का दौर


सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े एक लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और राजपाल यादव के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई। हालांकि, अदालत ने अभिनेता को निर्देश दिए कि वह रकम जमा करने के आदेशों का पालन करें।


मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी

इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ द्वारा की जा रही है। यह मामला निजी कंपनी M/s Murli Projects Pvt Ltd से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों से संबंधित है। दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में तीन महीने की सजा सुना चुका है।


फिल्मों पर चर्चा

सुनवाई के दौरान, CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव से पूछा कि वह वर्तमान में कितनी फिल्मों पर काम कर रहे हैं। अभिनेता ने बताया कि उन्होंने पिछले 16 वर्षों में लगभग 250 फिल्मों में काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि एक फिल्म में उन्होंने करीब 5 करोड़ रुपये का निवेश किया था, लेकिन उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।


आर्थिक समस्याओं का जिक्र

राजपाल यादव ने अपनी आर्थिक परेशानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म 'अता पता लापता' में भी काफी नुकसान उठाया था। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में लगभग 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और यह किसी थिएटर में भी रिलीज नहीं हो सकी। उन्होंने मजाक में अपनी स्थिति पर आधारित एक संभावित फिल्म का नाम '16 सावन झेल के' भी बताया।


रकम जमा करने का आदेश

राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि उनके पास वर्तमान में 1.15 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजपाल यादव की पैतृक संपत्ति के लिए एक खरीदार मौजूद है, जो 85 लाख रुपये एडवांस देने को तैयार है। इस तरह कुल रकम 2 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।


वकील ने बताया कि पितृ पक्ष के कारण संपत्ति की रजिस्ट्री में कुछ दिक्कतें हैं और राजपाल यादव नवरात्रि के बाद बिक्री दस्तावेजों का पंजीकरण कराना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 1.15 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया और बाकी 85 लाख रुपये सोमवार तक RTGS के जरिए जमा करने को कहा।


मामले का सारांश

यह विवाद 2010 में एक फिल्म के लिए कथित तौर पर मिले 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम लौटाने के लिए राजपाल यादव ने 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक जारी किए थे, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए।


2012 में हुए एक समझौते के अनुसार, राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा और उनकी कंपनी पर ब्याज समेत करीब 11 करोड़ रुपये लौटाने की जिम्मेदारी बताई गई थी। मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने जुलाई में राजपाल यादव की दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सात मामलों में तीन-तीन महीने की सजा सुनाई थी।