रिया और शोविक चक्रवर्ती की व्यवसायिक यात्रा: भाई-बहन के रिश्ते की चुनौतियाँ
रिया और शोविक की व्यवसायिक साझेदारी
अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती ने साझा किया कि 2020 में जब उन्हें कोई पेशेवर अवसर नहीं मिल रहा था, तब उन्होंने मिलकर अपना व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। नेहा धूपिया और अंगद बेदी के चैट शो 'डबल डेट' में उन्होंने अपने जीवन के कठिन समय, पारिवारिक संबंधों और व्यवसायिक साझेदारी के अनुभवों पर चर्चा की।
रिया ने बताया कि भाई-बहन के साथ काम करना सरल नहीं है, क्योंकि व्यक्तिगत और पेशेवर रिश्तों के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। यदि घर पर किसी बात को लेकर पहले से नाराज़गी हो, तो ऑफिस में छोटी सी गलती भी बड़ी समस्या बन जाती है।
उन्होंने कहा कि कारोबार के प्रारंभिक दिनों में अक्सर उनके बीच बहस होती थी। रिया ने कहा, "शुरुआत में हमारे लिए यह काफी कठिन था। कई बार शोविक कहता था कि वह घर छोड़कर जा रहा है।"
हालांकि, रिया का मानना है कि शोविक के अलग रहने के बाद चीजें बेहतर हो गईं। उन्होंने कहा, "हम दिनभर ऑफिस में साथ रहते हैं, इसलिए घर पर अपनी-अपनी जगह होने से संतुलन बेहतर हो गया है।"
रिया ने बताया कि परिवार के साथ काम करने का सबसे बड़ा लाभ भरोसा होता है। उन्होंने कहा कि अपने छोटे भाई को उनकी कंपनी 'चैप्टर 2' का सीईओ बनते देखना उनके लिए खास अनुभव रहा है।
कंपनी के नाम को लेकर भी रिया ने दिलचस्प जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह 'चुड़ैल का बदला' नाम रखना चाहती थीं, फिर 'ब्लैक शीप' पर विचार किया, क्योंकि उस समय वे खुद को समाज का 'ब्लैक शीप' महसूस कर रहे थे। अंततः उन्होंने 'चैप्टर 2' नाम चुना, जो उनके जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक बना।
शोविक ने कहा कि उन्होंने यह व्यवसाय इसलिए शुरू किया क्योंकि उनके पास कोई और विकल्प नहीं था। उन्होंने बताया कि जिस वर्ष उन्हें गिरफ्तार किया गया, उसी वर्ष उन्हें एमबीए में दाखिला मिला था और उन्होंने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
रिया ने कहा कि 2020 के बाद उन्हें काम मिलना बंद हो गया था। उन्हें कोई साइन नहीं कर रहा था और शोविक को भी कोई नौकरी नहीं मिल रही थी।
दोनों ने स्वीकार किया कि कठिन समय में एक-दूसरे का साथ और आपसी विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के रिश्ते और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था, लेकिन सहयोग और विश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
