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रेखा का विवादास्पद किसिंग सीन: एक नाबालिग के रूप में शूट किया गया

रेखा का विवादास्पद किसिंग सीन, जो उन्होंने 15 साल की उम्र में फिल्म 'अंजना सफर' के लिए शूट किया था, हाल ही में चर्चा का विषय बना। इस सीन के बारे में एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट सिमी चंदोके ने बताया कि रेखा को इस सीन के बारे में पहले से नहीं बताया गया था। बिस्वजीत चटर्जी की बेटी ने भी इस मुद्दे पर सहमति की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और रेखा के संघर्ष के बारे में।
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रेखा का विवादास्पद किसिंग सीन: एक नाबालिग के रूप में शूट किया गया

रेखा का विवादास्पद किसिंग सीन


रेखा का विवादास्पद किसिंग सीन: बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा रेखा को आज के समय में सबसे प्रसिद्ध सितारों में से एक माना जाता है, लेकिन उनके करियर की शुरुआत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बहुत कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने परिवार का सहारा बनने के लिए संघर्ष किया।


हाल ही में, एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट सिमी चंदोके ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में रेखा के शुरुआती दिनों की एक घटना को फिर से साझा किया।


विवादास्पद सीन का विवरण


यह घटना फिल्म 'अंजना सफर' के सेट पर हुई, जिसमें रेखा और अभिनेता बिस्वजीत चटर्जी के बीच एक किसिंग सीन था।


कहा जाता है कि जब यह सीन फिल्माया गया, तब रेखा की उम्र लगभग 15 वर्ष थी। आरोप है कि उन्हें इस इंटीमेट सीन के बारे में पहले से नहीं बताया गया था और शूटिंग के दौरान वे असहज महसूस कर रही थीं।


पत्रकार की यादें


सिमी चंदोके ने बताया कि उस समय रेखा बहुत छोटी और अनुभवहीन थीं, जबकि बिस्वजीत एक स्थापित अभिनेता थे।


उनके अनुसार, किसिंग सीन की शूटिंग अपेक्षा से अधिक समय तक चली, जिससे रेखा को काफी असहजता का सामना करना पड़ा।


यह घटना रेखा के लिए भावनात्मक रूप से कठिन थी, क्योंकि वे अपने करियर के शुरुआती दौर में थीं और परिवार की जिम्मेदारियों को निभा रही थीं।


रेखा के संघर्ष


रेखा ने अपने जीवन के कठिन समय में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। आर्थिक तंगी के कारण, उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू किया।


फिल्म इंडस्ट्री में युवा कलाकारों को अक्सर निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया जाता था, जिससे उनके पास निर्णय लेने की स्वतंत्रता कम होती थी।


इसलिए, अंजना सफर के विवाद को अक्सर इस बात के उदाहरण के रूप में देखा जाता है कि समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री में काम करने की परिस्थितियाँ कैसे बदली हैं।


बिस्वजीत की बेटी का बयान


हाल ही में, बिस्वजीत चटर्जी की बेटी पल्लवी चटर्जी ने कहा कि ऐसे सीन फिल्माने से पहले सहमति लेनी चाहिए थी।


उनकी बातों ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सहमति और युवा कलाकारों के साथ व्यवहार पर चर्चा को फिर से शुरू कर दिया।


फिल्म की रिलीज में देरी


कहा जाता है कि इस विवाद ने सेंसरशिप के मुद्दों को लंबे समय तक बनाए रखा। अंजना सफर, जो कई सालों तक अटकी रही, अंततः 1979 में 'दो शिकारी' नाम से रिलीज हुई।


इस घटना को रेखा के करियर के सबसे विवादास्पद पलों में से एक के रूप में याद किया जाता है, और यह फिल्म इंडस्ट्री में सहमति और सीमाओं के बारे में बातचीत में अक्सर चर्चा का विषय बनती है।