Newzfatafatlogo

लिसा रे ने 80 के दशक की यादों को ताजा किया

अभिनेत्री लिसा रे ने अपने इंस्टाग्राम पर 1980 के दशक की यादों को ताजा किया है। उन्होंने उस समय के संगीत, फैशन और बेफिक्र जीवन के बारे में कई दिलचस्प किस्से साझा किए हैं। लिसा ने बताया कि कैसे वह उस दौर में अपने दोस्तों के साथ साइकिल चलाती थीं और रेडियो पर तेज आवाज में गाने सुनती थीं। उनकी यादें न केवल व्यक्तिगत हैं, बल्कि उस समय के सांस्कृतिक प्रभाव को भी दर्शाती हैं। जानें लिसा की यादों में और क्या खास है!
 | 

80 के दशक की यादें

मुंबई: अभिनेत्री लिसा रे ने 1980 के दशक की अपनी यादों को साझा करते हुए उस समय के संगीत, फैशन और बेफिक्र जीवन के कई किस्से बताए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि यह दशक उनके लिए केवल फैशन और संगीत का नहीं, बल्कि गर्मियों की छुट्टियों, दोस्तों के साथ साइकिल चलाने, तेज आवाज में गाने सुनने और थोड़ी बगावत का समय था।


लिसा की साझा की गई तस्वीर में वह काले रंग के कपड़ों में नजर आ रही हैं, और उनके घुंघराले बाल खुले हुए हैं। यह लुक 80 के दशक की याद दिलाता है। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, 'मैं सच में 80 के दशक से गुजरी हूं। उस समय के फैशन के अनुसार, मैंने कैंडी रंग के लेग वॉर्मर्स, अजीबोगरीब हेयरस्टाइल और फिल्म 'फ्लैशडांस' से प्रेरित स्वेटशर्ट पहनी थी।'


लिसा ने उस समय के संगीत को भी अपनी यादों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, 'मैडोना, माइकल जैक्सन और माइकल हचेंस... ये कलाकार मेरी जवानी की यादों से जुड़े हुए हैं। मैं ड्यूरन का इतना बड़ा फैन थी कि मैंने अपने पालतू जानवरों के नाम भी इस म्यूजिकल ग्रुप से प्रेरित रखे थे।'


अपने बचपन और जवानी के दिनों से जुड़ी जगहों को याद करते हुए लिसा ने लिखा, 'कलकत्ता की गर्मियों और टोरंटो में लंबे वीकेंड के दौरान मैं अपने आसपास के इलाकों में साइकिल चलाया करती थी। मुझे लॉन्ग ड्राइव और रेडियो पर तेज आवाज में संगीत सुनना पसंद था। उस समय की जिंदगी में एक अलग मिठास थी। मैं बेफिक्र थी, लेकिन मेरे अंदर कुछ नया करने और अपनी सीमाओं को तोड़ने की बेचैनी भी थी।'


अपने पुराने रूप को याद करते हुए लिसा ने खुद से सवाल किया, 'क्या मैं सच में 80 के दशक की बच्ची थी? मजबूत, अपने फैसले खुद लेने वाली और मुश्किलों का सामना करने वाली... समय के साथ जिंदगी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। जिंदगी में आए अचानक बदलावों और ऐसे मोड़ों, जिन्हें मैंने खुद नहीं चुना, ने मेरे व्यक्तित्व को और गहरा किया है।'


अंत में लिसा ने लिखा, 'मेरे आज के वर्जन को अपने पुराने 80 के दशक वाले दौर की एक बार फिर जरूरत महसूस होती है। शायद मुझे फिर से उस दौर को जीने की जरूरत है।'