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लॉक अप सीजन 2: हर्षद चोपड़ा की कुर्बानी पर शिवांगी जोशी की आलोचना

लॉक अप सीजन 2 के हालिया एपिसोड ने दर्शकों को दो भागों में बांट दिया है। हर्षद चोपड़ा ने शिवांगी जोशी के लिए अपनी फाइनलिस्ट की कुर्बानी दी, जिससे उन्हें प्रशंसा मिली, जबकि शिवांगी को आलोचना का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर इस घटना पर बहस छिड़ गई है, जिसमें कुछ प्रशंसक शिवांगी को स्वार्थी करार दे रहे हैं। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और दर्शकों की प्रतिक्रियाएं।
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लॉक अप सीजन 2 का विवादित एपिसोड


लॉक अप सीजन 2: सोमवार के एपिसोड ने दर्शकों को दो भागों में बांट दिया। हर्षद चोपड़ा की एक महत्वपूर्ण कुर्बानी की प्रशंसा की गई, जबकि शिवांगी जोशी को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कुछ प्रशंसकों ने उन्हें स्वार्थी तक करार दिया। आइए जानते हैं कि आखिर क्या हुआ।


हर्षद चोपड़ा के फैंस का गुस्सा

एक टास्क के दौरान सभी प्रतियोगियों को 60 मिनट में यह तय करना था कि सीजन का पहला फाइनलिस्ट कौन बनेगा। जैसे-जैसे लोग टास्क एरिया छोड़ते गए, श्रेया कालरा ने एक विशेष बॉक्स चुना जिसमें 'एडवांटेज' लिखा था। इससे वह फाइनलिस्ट की दौड़ से बाहर हो गईं, लेकिन उन्हें एक मिस्ट्री पावर मिली।



आखिरकार, केवल शिवांगी जोशी और हर्षद चोपड़ा ही बचे। हर्षद ने याद दिलाया कि पहले के एक टास्क में उन्होंने जानबूझकर शिवांगी को जीतने दिया था। शिवांगी को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने सवाल उठाया कि यह बात पहले क्यों नहीं बताई गई। बहस बढ़ गई और अंततः शिवांगी ने टास्क एरिया छोड़ दिया, जिससे हर्षद पहले फाइनलिस्ट बन गए।


हर्षद की कुर्बानी

बाद में, होस्ट रितेश देशमुख ने श्रेया का एडवांटेज बताया, जिसमें उन्हें किसी एक प्रतियोगी को तुरंत बाहर करने का अधिकार मिला। श्रेया ने शिवांगी का नाम लिया, जिससे सभी घरवाले चौंक गए। हर्षद भावुक हो गए और बार-बार श्रेया से अनुरोध करने लगे कि शिवांगी को न निकालें, लेकिन श्रेया अपनी बात पर अड़ी रहीं।


हर्षद का निर्णय


तब रितेश ने हर्षद को एक विकल्प दिया कि यदि वह अपना फाइनलिस्ट का पद छोड़ दें, तो शिवांगी बच जाएंगी। हर्षद ने बिना किसी संकोच के हां कह दी। इस प्रकार, शिवांगी शो में बनी रहीं और पहली फाइनलिस्ट बन गईं, जबकि हर्षद की यात्रा समाप्त हो गई।



सोशल मीडिया पर हर्षद की प्रशंसा हो रही है, लोग उन्हें एक अच्छे इंसान के रूप में देख रहे हैं। वहीं, शिवांगी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि उन्होंने हर्षद से अपनी जगह बचाने की कोई कोशिश नहीं की और चुपचाप कुर्बानी स्वीकार कर ली। कुछ ने उन्हें स्वार्थी भी कहा। एक यूजर ने लिखा कि हर्षद जैसी अच्छी शख्सियत को ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए।