विराट कोहली के आश्रम दौरे पर विवाद: आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी
विराट कोहली के आश्रम जाने पर उठे सवाल
भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने को लेकर सोशल मीडिया और अन्य मीडिया प्लेटफार्मों पर चल रही खबरों पर उनकी टीम ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। कोहली के प्रवक्ता ने उन आरोपों को "पूर्णतः गलत, आधारहीन और तथ्यों के विपरीत" बताया है, जिनमें कहा गया था कि उन्हें आश्रम जाने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे।
प्रवक्ता का बयान
प्रवक्ता ने कहा, "विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान के कारण उनसे मिलने जाते हैं। हम इन आरोपों का दृढ़ता से खंडन करते हैं और मीडिया से अनुरोध करते हैं कि वे ऐसी बातों की रिपोर्टिंग से पहले तथ्यों की जांच करें।"
आरोप का स्रोत
यह विवाद 'फलाहारी महाराज' के नाम से जाने जाने वाले श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा द्वारा उठाया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र में यह आरोप लगाया था कि एक प्राइवेट कंपनी ने कोहली को आश्रम लाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए।
कोहली का आश्रम दौरा
विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने जनवरी 2023 में अपनी बेटी वामिका के साथ पहली बार वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम का दौरा किया था। इस जोड़े ने 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद फिर से महाराज से मुलाकात की।
प्रेमानंद महाराज का संदेश
एक मुलाकात के दौरान, प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का को जीवन के गहरे अर्थ के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "अपने कार्य को सेवा समझें, विनम्र रहें और ईश्वर का नाम जपें। आपके मन में परमेश्वर के दर्शन की इच्छा होनी चाहिए।"
आध्यात्मिक गुरु की सलाह
कोहली के टेस्ट संन्यास के बाद एक अन्य बैठक में, प्रेमानंद जी महाराज ने कहा, "ये वैभव मिलना कृपा नहीं है, ये पुण्य है। भगवान की क्रिया मानी जाती है अंदर का चिंतन बदलना।" उन्होंने कहा कि आंतरिक चिंतन में यश की भावना नहीं होनी चाहिए और यह होना चाहिए कि 'भगवान, अब मैं केवल आपको चाहता हूं।'
