Newzfatafatlogo

शक्तिमान: जब बच्चों ने स्कूल छोड़कर देखा सुपरहीरो शो

शक्तिमान, 80 और 90 के दशक का एक प्रसिद्ध सुपरहीरो शो, बच्चों के बीच इतना लोकप्रिय था कि वे इसके लिए स्कूल छोड़ देते थे। इस शो का पहला एपिसोड 13 सितंबर 1997 को प्रसारित हुआ और यह 8 वर्षों तक चला। मुकेश खन्ना ने इस शो में मुख्य भूमिका निभाई, जिसमें उन्होंने अलौकिक शक्तियों के साथ एक सुपरहीरो का किरदार निभाया। जानें इस शो की खासियतें और इसके प्रभाव के बारे में।
 | 
शक्तिमान: जब बच्चों ने स्कूल छोड़कर देखा सुपरहीरो शो

दूरदर्शन पर 8 सालों तक राज


शक्तिमान, मुंबई: 80 और 90 के दशक में जब मनोरंजन के विकल्प सीमित थे, तब दूरदर्शन ने सभी आयु वर्ग के दर्शकों का मनोरंजन किया। महाभारत और रामायण की सफलता के बाद, कुछ शो ने दर्शकों को फिर से टीवी से जोड़ा, जिसमें बच्चों के लिए एक विशेष शो बन गया।


यह शो इतना लोकप्रिय हो गया कि बच्चे इसके लिए स्कूल छोड़ने तक को तैयार थे। इसका प्रसारण लगभग 8 वर्षों तक चला और इसमें 400 से अधिक एपिसोड शामिल थे। शक्तिमान का इतना क्रेज था कि बच्चे उसकी नकल करते थे, जो उंगली घुमाकर गायब हो जाता था और फिर कहीं और प्रकट होता था।


पहला एपिसोड 13 सितंबर 1997 को प्रसारित हुआ

13 सितंबर 1997 को हुआ पहला प्रसारण


शक्तिमान का पहला एपिसोड 13 सितंबर 1997 को टेलीविजन पर आया, जबकि इसका अंतिम एपिसोड 27 मार्च 2005 को प्रसारित हुआ। पहले यह शो शनिवार को आता था, लेकिन बाद में इसे रविवार को प्रसारित किया गया।


मुख्य भूमिका में मुकेश खन्ना

मुकेश खन्ना ने निभाई सुपरहीरो की भूमिका


यह शो मुकेश खन्ना द्वारा अभिनीत शक्तिमान पर आधारित था। शक्तिमान एक हिंदी सुपरहीरो टेलीविजन श्रृंखला है, जिसे मुकेश खन्ना ने बनाया और प्रोड्यूस किया। यह श्रृंखला अमेरिकी सुपरहीरो सुपरमैन से प्रेरित थी और 13 सितंबर 1997 से 27 मार्च 2005 तक डीडी नेशनल पर प्रसारित हुई।


मुकेश खन्ना ने मुख्य सुपरहीरो की भूमिका निभाई, जिसे ध्यान और प्रकृति के पांच तत्वों से अलौकिक शक्तियां प्राप्त होती थीं। उन्होंने पंडित गंगाधर विद्याधर मायाधर ओंकारनाथ शास्त्री का किरदार भी निभाया, जो एक फोटोग्राफर थे। इस श्रृंखला में पत्रकार गीता विश्वास के रूप में वैष्णवी महंत और मुख्य विलेन तमराज किलविश के रूप में सुरेंद्र पाल भी शामिल थे।