शिक्षक दिवस पर OTT पर देखने के लिए बेहतरीन फिल्में
शिक्षक और शिष्य का अनूठा रिश्ता
हर व्यक्ति की जिंदगी में एक ऐसा शिक्षक होता है, जिसने न केवल ज्ञान दिया, बल्कि कठिनाइयों का सामना करना और अपने सपनों की ओर बढ़ना भी सिखाया। यही कारण है कि गुरु-शिष्य का संबंध विशेष महत्व रखता है। शिक्षक अक्सर हमारी कमजोरियों को पहचानकर उनमें छिपी क्षमताओं को उजागर करते हैं।
बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जो शिक्षक और छात्र के रिश्ते को विभिन्न दृष्टिकोणों से दर्शाती हैं। इन कहानियों में संघर्ष, भावनाएं और एक शिक्षक की वह कोशिश शामिल होती है, जो अपने छात्र की जिंदगी को बदल देती है। इस शिक्षक दिवस पर, आप OTT प्लेटफार्म पर इन फिल्मों का आनंद लेकर अपने स्कूल के दिनों की यादें ताजा कर सकते हैं।
सितारे जमीन पर
आमिर खान की फिल्म 'सितारे जमीन पर' एक बास्केटबॉल कोच और न्यूरोडायवर्जेंट वयस्कों के समूह के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में कोच उन्हें खेल के साथ-साथ टीम भावना, आत्मविश्वास और जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने में मदद करता है।
फिल्म यह संदेश देती है कि एक अच्छा मेंटर न केवल अपने शिष्यों को सिखाता है, बल्कि उनसे भी बहुत कुछ सीखता है। यह फिल्म दिखाती है कि शिक्षण और मार्गदर्शन कैसे किसी की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। इसे सोनी लिव और YouTube पर देखा जा सकता है।
सुपर 30
ऋतिक रोशन की 'सुपर 30' शिक्षक आनंद कुमार की प्रेरणादायक कहानी है। यह फिल्म एक ऐसे शिक्षक की यात्रा को दर्शाती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करता है।
कहानी में शिक्षा के साथ संघर्ष, त्याग और दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रमुखता दी गई है। यह दिखाती है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
हिचकी
रानी मुखर्जी की 'हिचकी' में नैना माथुर नाम की शिक्षिका की कहानी है, जो टौरेट सिंड्रोम से ग्रस्त है। इसके बावजूद, वह शिक्षक बनने का सपना नहीं छोड़ती। नैना को ऐसे छात्रों की क्लास मिलती है, जिन्हें स्कूल में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
वह अपने अनोखे तरीके से बच्चों को पढ़ाने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश करती हैं। 'हिचकी' यह सिखाती है कि किसी कमजोरी को अपनी पहचान बनने देने के बजाय उसे अपनी ताकत में बदला जा सकता है। यह फिल्म प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।
तारे जमीन पर
आमिर खान की 'तारे जमीन पर' भारतीय सिनेमा की उन फिल्मों में से एक है, जिसने बच्चों को समझने के नजरिए पर गहरा प्रभाव डाला है। यह फिल्म ईशान नाम के बच्चे की कहानी है, जो डिस्लेक्सिया से जूझता है।
जब आर्ट टीचर राम शंकर निकुंभ उसके जीवन में आते हैं, तो वह उसकी समस्याओं को समझने की कोशिश करते हैं। वह बच्चे की कमियों पर ध्यान देने के बजाय उसकी प्रतिभा को पहचानते हैं। यह फिल्म दिखाती है कि हर बच्चा अलग तरीके से सीखता है और एक संवेदनशील शिक्षक उसकी छिपी प्रतिभा को उजागर कर सकता है। इसे नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है।
ब्लैक
अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी की 'ब्लैक' भी शिक्षक और छात्र के रिश्ते की एक भावुक कहानी है। फिल्म में अमिताभ बच्चन एक ऐसे शिक्षक की भूमिका में हैं, जो एक ऐसी लड़की को शिक्षित करने की जिम्मेदारी लेते हैं, जो सुन और देख नहीं सकती।
शिक्षक के धैर्य और प्रयासों के जरिए लड़की धीरे-धीरे अपने आसपास की दुनिया को समझने और जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करती है। यह फिल्म शिक्षा, लगन और मानवीय संवेदनाओं की ताकत को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करती है।
इकबाल
श्रेयस तलपड़े की 'इकबाल' एक ऐसे युवक की कहानी है, जिसका सपना क्रिकेटर बनने का है। सुनने और बोलने में असमर्थ होने के बावजूद, इकबाल अपने क्रिकेट के जुनून को नहीं छोड़ता।
उसकी जिंदगी में रिटायर्ड कोच नसीरुद्दीन शाह आते हैं, जो उसे क्रिकेट की बारीकियां सिखाते हैं और उसकी प्रतिभा को सही दिशा देते हैं। यह फिल्म प्राइम वीडियो पर देखी जा सकती है।
