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संजय दत्त के मामले पर उज्ज्वल निकम का बयान: क्या समय पर सूचना से टल सकती थी त्रासदी?

उज्ज्वल निकम ने हाल ही में संजय दत्त के 1993 के बम धमाकों में संभावित भूमिका पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दत्त ने समय पर पुलिस को जानकारी दी होती, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। निकम ने यह भी स्पष्ट किया कि वह दत्त को आतंकवादी नहीं मानते। इस बयान ने एक बार फिर उस समय की घटनाओं पर बहस को जन्म दिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और निकम के विचार।
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संजय दत्त और 1993 के बम धमाके


नई दिल्ली: 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के संदर्भ में वरिष्ठ वकील और सांसद उज्ज्वल निकम का हालिया बयान फिर से चर्चा का विषय बन गया है। अपनी आगामी फिल्म 'प्रहार' के चलते भी सुर्खियों में रहने वाले निकम ने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अभिनेता संजय दत्त ने समय पर पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी होती, तो धमाकों की साजिश का खुलासा पहले हो सकता था। उनके इस बयान ने एक बार फिर तीन दशक पुराने मामले पर बहस को तेज कर दिया है।


एक बातचीत में जब निकम से पूछा गया कि क्या संजय दत्त उस समय की घटनाओं को रोकने में कोई भूमिका निभा सकते थे, तो उन्होंने कहा कि धमाकों से पहले अबू सालेम ने हथियारों की खेप लाई थी, जिसमें एके-47 राइफल और हैंड ग्रेनेड शामिल थे। निकम के अनुसार, संजय दत्त ने इनमें से कुछ हथियार अपने पास रखे थे, जबकि बाद में हैंड ग्रेनेड वापस कर दिए गए थे।


समय पर सूचना देने की आवश्यकता

निकम ने कहा कि यदि संजय दत्त ने उस समय पुलिस को इन हथियारों की जानकारी दी होती, तो जांच एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो सकती थीं। उनके अनुसार, ऐसा होने पर साजिश में शामिल लोगों तक समय रहते पहुंचना आसान हो जाता और पूरे नेटवर्क का खुलासा पहले ही संभव हो सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि इससे एक बड़ी त्रासदी को टालने की संभावना बन सकती थी।


जब उनसे पूछा गया कि क्या समय पर सूचना मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी, तो निकम ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार सबसे बड़ी चूक यही थी कि पुलिस को समय पर जानकारी नहीं दी गई। उनका मानना है कि यदि ऐसा होता, तो घटनाक्रम अलग दिशा ले सकता था और जांच को शुरुआती स्तर पर महत्वपूर्ण बढ़त मिल सकती थी।


संजय दत्त के प्रति निकम का दृष्टिकोण

उज्ज्वल निकम ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संजय दत्त को आतंकवादी नहीं मानते। उन्होंने कहा कि अभिनेता का उद्देश्य किसी आतंकी गतिविधि में शामिल होना नहीं था। निकम के अनुसार, संजय दत्त को हथियार रखने का शौक था और इसी वजह से उन्होंने वे हथियार अपने पास रखे, जिसके कारण बाद में उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।


बयान के बाद फिर से चर्चा में पुराना मामला

निकम का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उनकी जीवन यात्रा पर आधारित फिल्म 'प्रहार' चर्चा में है। फिल्म में अभिनेता राजकुमार राव उनका किरदार निभा रहे हैं। 1993 के मुंबई बम धमाकों से जुड़ा यह मामला भारत के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक है। निकम की नई टिप्पणी के बाद एक बार फिर उस दौर की घटनाओं और जांच प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है।