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समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत: दिव्यांगजनों पर टिप्पणी के मामले में एफआईआर रद्द

कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है, जहां अदालत ने दिव्यांगजनों के प्रति की गई कथित असंवेदनशील टिप्पणियों के मामले में उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को रद्द कर दिया। यह मामला उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' से जुड़ा था। कोर्ट ने रैना को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के फैसले के पीछे की कहानी।
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला


नई दिल्ली: कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। अदालत ने दिव्यांगजनों के प्रति कथित असंवेदनशील टिप्पणियों के मामले में उनके और चार अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह मामला उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' से संबंधित था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति जेवी मोहना की पीठ ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई की। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने शो में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए रैना को कड़ी फटकार लगाई थी।


कोर्ट ने निर्देश दिए

अदालत ने यह पाया कि समय रैना और अन्य आरोपियों ने पहले दिए गए निर्देशों का पालन किया है। इसके बाद उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को समाप्त करने की प्रक्रिया पूरी की गई। अदालत ने उन्हें दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और उनके हित में धन जुटाने का निर्देश दिया था।


कोर्ट की सराहना

पिछली सुनवाई में अदालत ने रैना और चार अन्य पर 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा और सुधार से जुड़े वादों को पूरा नहीं करने के कारण स्थिति गंभीर हुई थी। शुक्रवार को पीठ ने दिव्यांग लोगों के लिए प्रदर्शनियां आयोजित करने और उनके हित में किए गए प्रयासों की सराहना की। अदालत ने कहा कि यदि वास्तविक प्रयास किए जाएं, तो अच्छे परिणाम सामने आते हैं। पीठ ने यह भी कहा कि ये युवा प्रतिभाशाली हैं और सकारात्मक दिशा में काम करने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।


शिकायत का विवरण

क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज से जुड़ी लागत पर असंवेदनशील टिप्पणी की गई। इसके अलावा, इस बीमारी से प्रभावित व्यक्ति का मजाक उड़ाने का भी आरोप लगाया गया था। याचिका में समय रैना के साथ विपुन गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर का नाम भी शामिल था। शो का विवादित एपिसोड नवंबर में रिकॉर्ड किया गया था।


अलग मामले की सुनवाई बाकी

हालांकि, समय रैना और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया से जुड़े एक अलग मामले की सुनवाई अभी बाकी है। यह मामला शो में एक प्रतियोगी के माता-पिता के बारे में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित है।