Newzfatafatlogo

सलमान खान को मिली बड़ी कानूनी राहत, विवादित फिल्म के टीजर को हटाने का आदेश

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को दिल्ली उच्च न्यायालय से 'पर्सनैलिटी राइट्स' के मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। अदालत ने विवादास्पद फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के टीजर और संबंधित सोशल मीडिया लिंक को हटाने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने निर्माता अमित जानी के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई। जानें इस मामले के पीछे की कहानी और अदालत के सख्त रुख के बारे में।
 | 

दिल्ली उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय


मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सलमान खान को 'पर्सनैलिटी राइट्स' के संरक्षण से संबंधित मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय से महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। अदालत ने अभिनेता से जुड़ी विवादास्पद फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के टीजर और उससे संबंधित सभी सोशल मीडिया लिंक को 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश दिया है।


अदालत का सख्त रुख

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने फिल्म के निर्माता अमित जानी के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा लगता है कि आप खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं। अदालत का यह सख्त रुख इस तरह के अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं करता। पीठ ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मान-प्रतिष्ठा चली जाए, तो उसे पुनः प्राप्त करना अत्यंत कठिन होता है।


विवाद का सार

यह मामला 1998 के प्रसिद्ध काला हिरण प्रकरण से संबंधित है, जिसके आधार पर यह फिल्म बनाई जा रही है। सलमान खान के वकीलों ने तर्क दिया कि फिल्म 'जानी फायरफॉक्स फिल्म्स' के बैनर तले बनाई जा रही है। हालांकि, फिल्म में अभिनेता का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया है, लेकिन इसके प्रचार सामग्री, पोस्टरों और टीजर में सलमान के समान दिखने वाले एक हमशक्ल का उपयोग किया गया है।


याचिका में उठाए गए मुद्दे


  • पहचान चिन्हों का दुरुपयोग: टीजर में दिखाए गए किरदार ने सलमान खान का प्रसिद्ध फिरोजा (ब्लू स्टोन) ब्रेसलेट पहना हुआ है, जो उनकी पहचान है।

  • गलत छवि निर्माण: किरदार के हाथ में बंदूक दिखाई गई है, जबकि आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में अदालत ने अभिनेता को बरी कर दिया है।

  • विचाराधीन मामले पर असर: 1998 के मुख्य मामले में तीन मामलों से बरी होने के बाद अपील लंबित है, ऐसे में इस तरह के भ्रामक चित्रण से न्यायिक प्रक्रिया और जनमानस की धारणा प्रभावित हो सकती है।


अदालत का कड़ा रुख

निर्माता पक्ष के वकील ने कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम नहीं है और न ही इसमें किसी डीपफेक या एआई तकनीक का उपयोग किया गया है। लेकिन उच्च न्यायालय ने इस दलील को खारिज करते हुए एक्स और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों को निर्देश दिया कि यदि निर्माता स्वयं इन सामग्रियों को नहीं हटाते हैं, तो प्लेटफार्म तुरंत इन्हें टेक-डाउन करें।