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सुनीता आहूजा का लॉक अप में गुस्सा, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

सुनीता आहूजा, गोविंदा की पत्नी, नेटफ्लिक्स के शो 'लॉक अप: सच या सजा' में अपने बेबाक बोलों के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने खाने की खराब गुणवत्ता पर गुस्सा जताते हुए गालियों का इस्तेमाल किया, जिससे सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। दर्शक उनकी बेबाकी को लेकर दो हिस्सों में बंट गए हैं। जानिए इस शो में सुनीता का अगला कदम क्या होगा और दर्शकों की प्रतिक्रियाएं क्या हैं।
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सुनीता आहूजा की बेबाकी


सुनीता आहूजा लॉक अप में: गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा वर्तमान में नेटफ्लिक्स के शो 'लॉक अप: सच या सजा' में अपनी बेबाकी और तीखे बोलों के लिए चर्चा में हैं। हाल ही में, उन्होंने खाने की खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए गालियों का इस्तेमाल किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।


खाने से असंतुष्ट सुनीता ने कहा, 'दिमाग का मां-बहन कर दिया यार... इन लोगों ने। खाने के लिए भीख मांगना पड़ रहा है।' उनके इस गुस्से को देखकर राम कपूर हंस पड़े और बोले, 'सुनीता जी, आप बहुत मजेदार हैं।'




आने वाले एपिसोड में, सुनीता वाइल्डकार्ड प्रतियोगी शिल्पा शिंदे को भी जवाब देंगी। प्रोमो में शिल्पा सुनीता से कहती हैं कि उन्हें गोविंदा जी के बारे में ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए, क्योंकि उनके फैंस उन्हें देखते हैं और इससे गोविंदा की छवि प्रभावित होती है। सुनीता ने शांत रहते हुए जवाब दिया, 'जब तुम्हारे पे गुजरेगा तब तुम्हें पता चलेगा। ज्यादा बकवास न करो।' दर्शक उनकी बेबाकी को देखकर हैरान हैं।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर मचा बवाल


सुनीता के इस अंदाज पर नेटिज़न्स दो भागों में बंट गए हैं। कुछ लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं, जबकि अन्य आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'गोविंदा घर में इन्हें कैसे सहन करते होंगे?' वहीं, दूसरे ने मजाक में कहा, 'सुनीता आहूजा को थोड़ी हिचकिचाहट दिखानी चाहिए।' कई लोगों ने उन्हें 'डेंजरस' भी बताया। कुछ दर्शकों का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर गालियां ठीक हैं, जबकि कई लोग इसे अत्यधिक मानते हैं।


शो की जानकारी

शो के बारे में


'लॉक अप: सच या सजा' नेटफ्लिक्स पर हर शाम 8 बजे प्रसारित होता है। हाल ही में, इसका शेड्यूल बदला गया है, और अब यह शनिवार से गुरुवार तक, यानी हफ्ते में छह दिन नए एपिसोड लाता है। शो में प्रतियोगियों को एक घर में बंद करके उनकी सच्चाई का परीक्षण किया जाता है।