सोनू सूद ने दिल्ली में बिल्डिंग गिरने पर छात्रों की सुरक्षा की उठाई चिंता
सोनू सूद का बयान दिल्ली PG हादसे पर
सोनू सूद का बयान: बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने हाल ही में दिल्ली में हुए एक गंभीर हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की जान चली गई, जिनमें कई छात्र भी शामिल थे। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। सोनू सूद ने इस मुद्दे को उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की।
सोनू सूद ने क्या कहा?
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने घरों को छोड़कर अन्य शहरों में जाते हैं। लेकिन क्या हम उन्हें सुरक्षित आवास प्रदान कर पा रहे हैं? दिल्ली में लगभग सात लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि हॉस्टल की क्षमता केवल 30,000 के आसपास है। इसका मतलब है कि 31 में से केवल एक छात्र को ही हॉस्टल मिल पाता है। यह आंकड़ा वास्तव में चिंताजनक है।
हर साल, लाखों छात्र अपने सपनों के पीछे भागने के लिए अपने घर छोड़ते हैं। लेकिन क्या हम उन्हें रहने के लिए सुरक्षित स्थान दे रहे हैं?
— sonu sood (@SonuSood) September 8, 2026
दिल्ली में लगभग 7 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि हॉस्टल की क्षमता केवल 30,000 है - केवल 31 में से 1 को ही हॉस्टल मिलता है।
क्यों न खाली सरकारी जमीन की पहचान करें…
सोनू सूद ने एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के आसपास की खाली सरकारी भूमि को चिन्हित किया जाना चाहिए और वहां सुरक्षित और किफायती छात्र हॉस्टल का निर्माण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, विश्वविद्यालयों को अपने परिसर में अधिक आवास बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इससे छात्रों को सुरक्षा मिलेगी, माता-पिता को सुकून मिलेगा, और विश्वविद्यालयों तथा सरकार को राजस्व भी प्राप्त होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे जानें बचेंगी। उन्होंने कहा कि कभी-कभी नीतियों में छोटे बदलाव किसी के बड़े सपने को सुरक्षित रख सकते हैं।
सोनू सूद समाज सेवा के लिए लंबे समय से जाने जाते हैं। चाहे कोविड के दौरान हो या छात्रों और जरूरतमंदों की मदद में, वे हमेशा आगे रहते हैं। इस बार भी उन्होंने केवल दुख व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि समाधान की दिशा में भी इशारा किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास हुई इस घटना ने छात्र आवास की कमी और अवैध पीजी की समस्याओं को फिर से उजागर किया है। कई छात्र महंगे और असुरक्षित कमरों में रहने के लिए मजबूर हैं।
