हरियाणा में नया हेरिटेज कॉरिडोर: पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना
हरियाणा में पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
हरियाणा समाचार: हरियाणा सरकार ने प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। 1857 की क्रांति से जुड़े स्थलों को एक नए हेरिटेज कॉरिडोर में शामिल किया जाएगा। यह योजना अंबाला कैंट से शुरू होकर स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित करने और विकसित करने की है, ताकि लोग एक ही यात्रा में इस विरासत का अनुभव कर सकें।
योजना के लिए निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के तहत पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की पांच साल की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने विस्तृत योजना तैयार करने के लिए निर्देश दिए। हरियाणा सिविल सचिवालय में हुई बैठक में आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने प्रदेश की विरासत संरक्षण योजना का विवरण प्रस्तुत किया। इस बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
अंबाला कैंट का समावेश
सीएम ने बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थल अंबाला और अन्य जिलों में मौजूद हैं। अंबाला कैंट में शहीद स्मारक में जिन घटनाओं का उल्लेख है, उन्हें भी इस कॉरिडोर में शामिल किया जाएगा। इन स्थलों को संरक्षित करने के साथ-साथ आम जनता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे समझने योग्य बनाना भी एक लक्ष्य है।
नए खुदाई स्थलों की योजना
हरियाणा में 1972 से 2025 के बीच नौ स्थलों पर पुरातात्विक खुदाई की गई है। अब 21 नए स्थलों पर खुदाई की योजना बनाई गई है। पहले चरण में 2026-27 के दौरान हिसार जिले के सीसवाल में खुदाई की जाएगी। इसके बाद खरड़ अलीपुर में दो चरणों में कार्य किया जाएगा। 2029 से 2031 के बीच बालू, जोगना खेड़ा, तिगड़ाना और राखीगढ़ी में प्राथमिकता के आधार पर स्थलों का चयन किया जाएगा।
संरक्षित स्मारकों की संख्या में वृद्धि
वर्तमान में हरियाणा में 72 स्मारक संरक्षित हैं। सरकार का लक्ष्य 2031 तक इनकी संख्या 120 से अधिक करने का है। इसके लिए ऐतिहासिक किलों, बावड़ियों, मंदिरों और हवेलियों की पहचान की जाएगी और उनके दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और जीर्णोद्धार की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
