2026 में दिवाली से पहले हनुमान पूजा का महत्व
हनुमान पूजा का विशेष दिन
2026 में दिवाली हनुमान पूजा: दिवाली से एक दिन पहले, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को, हनुमान जी की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। इसे नरक चतुर्दशी, छोटी दिवाली या रूप चौदस भी कहा जाता है। इस दिन भक्त निशिता मुहूर्त में पवनपुत्र हनुमान की आराधना करते हैं। कई स्थानों पर इसे हनुमान जयंती के रूप में मनाने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन की पूजा से भक्तों का मनोबल बढ़ता है और उनके जीवन में शक्ति, बुद्धि और समृद्धि का संचार होता है। इस वर्ष हनुमान पूजा 7 नवंबर, शनिवार को होगी। चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे से शुरू होकर 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे तक रहेगी।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने हनुमान जी को यह वरदान दिया था कि उनकी पूजा पहले की जाएगी। इसलिए दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा से पहले हनुमान जी की आराधना की जाती है।
हनुमान जी की भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर प्रभु राम ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि दिवाली से एक दिन पहले उनकी पूजा होगी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।
मान्यता है कि छोटी दिवाली के दिन बजरंगबली की आराधना करने से शनि देव के कुप्रभाव (साढ़े साती या ढैया) से मुक्ति मिलती है।
इस दिन हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल (चोला) अर्पित करना चाहिए।
