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कजरी तीज 2026: महत्व, तिथि और पूजा विधि

कजरी तीज 2026 का पर्व भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और सुखद जीवन के लिए व्रत करती हैं। पूजा में भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक उपासना का महत्व है। जानें इस दिन के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में विस्तार से।
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कजरी तीज का महत्व

हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का विशेष स्थान है। हर वर्ष कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस व्रत को महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुखद जीवन के लिए करती हैं। 


कजरी तीज की पूजा

इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करने का महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व मनाया जाता है। कुछ स्थानों पर कजरी तीज के अवसर पर नीम के पेड़ की पूजा करने की परंपरा भी है। आइए जानते हैं कजरी तीज का व्रत कब रखा जाएगा?


कजरी तीज 2026 की तिथि

कजरी तीज 2026


 - भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 31 अगस्त 2026, सोमवार को है।


 - तृतीया तिथि प्रारंभ- 30 अगस्त 2026, रविवार सुबह लगभग 9 बजकर 36 मिनट पर।


 - तृतीया तिथि समाप्त- 31 अगस्त 2026, सोमवार, सुबह लगभग 8 बजकर 50 मिनट पर।


कजरी तीज 2026 का शुभ मुहूर्त

कजरी तीज 2026 शुभ मुहूर्त


- अमृत चौघड़िया- सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक।


- शुभ चौघड़िया- सुबह 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 45 मिनट तक।


- लाभ चौघड़िया- दोपहर 3 बजकर 32 मिनट से शाम 5 बजकर 8 मिनट तक।


- अमृत चौघड़िया- शाम 5 बजकर 8 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक।


कजरी तीज पर करने योग्य कार्य

कजरी तीज पर करें ये 4 काम


 - कजरी तीज के दिन शिवलिंग पर शहद, दूध और दही अर्पित कर विधिपूर्वक पूजा करें। ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख और दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है।


 - पूजा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती को वस्त्र अर्पित करते हुए श्रद्धा से व्रत का संकल्प लें। इसके बाद परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें।


 - कजरी तीज के दिन माता पार्वती को सुहाग सामग्री अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।


 - इस दिन नीम के पेड़ की पूजा करने का विधान है। इसलिए विधिपूर्वक नीम के पेड़ की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।