Newzfatafatlogo

काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी का टीजर हुआ जारी, कोर्टरूम ड्रामा की झलक

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसमें कोर्टरूम ड्रामा और शिकार मामले की कहानी को दर्शाया गया है। काशिफ इकबाल खान द्वारा निभाए गए अयान खान के किरदार को सलमान खान से प्रेरित माना जा रहा है। टीजर में गवाहों के बयान, पुलिस जांच और अदालत में चल रही बहस को दिखाया गया है। फिल्म का निर्देशन भरत एस श्रीनेत ने किया है और यह विवादास्पद काला हिरण शिकार मामले पर आधारित है। जानें इस फिल्म में और क्या खास है।
 | 

फिल्म का टीजर और कहानी का सार

मुंबई: विवादों के बीच, फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' का टीजर जारी किया गया है, जिसमें कोर्टरूम ड्रामा की झलक देखने को मिलती है। यह टीजर लगभग 1 मिनट 56 सेकंड लंबा है और इसमें शिकार मामले, गवाहों के बयान, पुलिस जांच और अदालत में चल रही बहस को दर्शाया गया है।


फिल्म में काशिफ इकबाल खान ने अयान खान का किरदार निभाया है, जो कि बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से प्रेरित माना जा रहा है। इस फिल्म पर आरोप है कि यह सलमान खान से जुड़े 1998 के काला हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई विवाद पर आधारित है, लेकिन निर्माताओं ने इस बात से इनकार किया है।


टीजर की शुरुआत अभिनेता गोविंद नामदेव की आवाज से होती है, जो फिल्म में बिश्नोई समाज के वकील का किरदार निभा रहे हैं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान, वह एक गवाह को पेश करते हैं और उससे पूछते हैं, 'उस दिन आपने क्या देखा, बिना डर के अदालत को बताइए।' गवाह का बयान है कि रात करीब 11 बजे, उन्होंने दो गोलियों की आवाज सुनी और समझ गए कि कोई हिरण का शिकार कर रहा है।


एक अन्य गवाह का कहना है कि यह सिर्फ हिरण पर गोली चलाने की बात नहीं थी, बल्कि उनके गुरु जमेश्वर के सिद्धांतों पर हमला था। टीजर में जंगल की रात, जिप्सी में शिकार के लिए जाते किरदार, गोली चलने और गांव वालों के विरोध जैसे कई दृश्य दिखाए गए हैं।


जैसे-जैसे टीजर आगे बढ़ता है, कहानी में सस्पेंस बढ़ता है। गोविंद नामदेव का किरदार पुलिस अधिकारियों से सवाल करता है कि क्या किसी सुपरस्टार को बचाने के लिए दबाव बनाया गया था। एक स्थानीय व्यक्ति कोर्ट में दावा करता है कि उसे धमकी दी गई थी कि अगर उसने अयान खान के खिलाफ गवाही दी, तो उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा।


टीजर में अयान खान पर गवाहों को डराने, ड्राइवर को गायब करने और डॉक्टरों को खरीदने जैसे आरोप लगाए जाते हैं। एक चश्मदीद गवाह कोर्ट में कहता है कि हिरण को बहुत करीब से गोली मारी गई थी। इन आरोपों से अयान खान परेशान नजर आता है और अपने वकील से मामले को संभालने के लिए कहता है।


टीजर के अंत में, काशिफ इकबाल खान का एक डायलॉग सुनाई देता है, जिसमें वह कहते हैं, 'जितने रुपयों में मेरी एक फिल्म बनती है, उतने में मैं ऐसे एक हजार ड्राइवर खरीदकर उनके बयान को कोर्ट में बदल सकता हूं।'


फिल्म के फर्स्ट लुक में अयान खान का लुक सलमान खान से मिलता-जुलता नजर आया था। आरोप है कि विवाद से बचने के लिए किरदारों के नाम बदल दिए गए हैं। फिल्म में सलमान खान से प्रेरित किरदार का नाम अयान खान रखा गया है, जबकि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से प्रेरित किरदार को लॉयन बिश्नोई नाम दिया गया है।


सलमान खान से जुड़े काला हिरण शिकार का मामला 1998 में सामने आया था, जब वह जोधपुर में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग कर रहे थे। आरोप था कि फिल्म की शूटिंग के दौरान कांकाणी गांव के पास काले हिरण का शिकार किया गया था।


इस मामले में सलमान खान के अलावा सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के नाम भी शामिल थे। सलमान के खिलाफ चार मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें चिंकारा शिकार और काला हिरण शिकार मामले शामिल थे।


काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समाज की शिकायत के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। साल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई थी। बाद में आर्म्स एक्ट मामले में उन्हें राहत मिली। 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की अदालत ने सलमान खान को काला हिरण शिकार मामले में दोषी करार देते हुए पांच साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई थी, लेकिन उन्हें बाद में जमानत मिल गई।


इस पूरे मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी जुड़ा है, जिसने सलमान खान को कई बार धमकियां दी हैं। बिश्नोई समाज काले हिरण को अपनी धार्मिक आस्था मानता है, जिससे यह विवाद लंबे समय से चर्चा में रहा है।


फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' का निर्देशन भरत एस श्रीनेत ने किया है और इसे अमित जानी ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में काशिफ इकबाल खान के अलावा मुकेश तिवारी, गोविंद नामदेव, कमलेश सावंत और नरेश गोसाईं जैसे कलाकार भी शामिल हैं।