जुलाई 2026 में मनाए जाने वाले प्रमुख हिंदू त्योहार और व्रत
जुलाई 2026 में कई महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार और व्रत मनाए जाएंगे, जिनमें संकष्टी चतुर्थी, जगन्नाथ रथयात्रा, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, और गुरु पूर्णिमा शामिल हैं। इस लेख में हम इन त्योहारों की तिथियों और उनके महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। जानें कब हैं ये खास दिन और कैसे मनाए जाएंगे ये धार्मिक अवसर।
| Jul 1, 2026, 15:43 IST
जुलाई 2026 के धार्मिक व्रत और त्योहार
जुलाई 2026 का महीना धार्मिक व्रतों और त्योहारों से भरा हुआ है। इस महीने में हिंदू धर्म के कई महत्वपूर्ण व्रत मनाए जाएंगे। जुलाई की शुरुआत संकष्टी चतुर्थी से हो रही है, और इसके बाद आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, जगन्नाथ रथयात्रा, देवशयनी एकादशी और गुरु पूर्णिमा जैसे प्रमुख त्योहार आएंगे। चातुर्मास के आगमन के साथ कुछ समय के लिए सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। इस लेख में हम जुलाई में होने वाले सभी हिंदू त्योहारों की जानकारी साझा करेंगे।
जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार
03 जुलाई - संकष्टी चतुर्थी
10 जुलाई - योगिनी एकादशी
12 जुलाई - रवि प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि
15 जुलाई - आषाढ़ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ
16 जुलाई - जगन्नाथ रथयात्रा, कर्क संक्रांति
21 जुलाई - मासिक दुर्गाष्टमी
25 जुलाई - देवशयनी (हरिशयनी) एकादशी
26 जुलाई - रवि प्रदोष व्रत
29 जुलाई - गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा
30 जुलाई - श्रावण (सावन) मास प्रारंभ
जुलाई 2026 के प्रमुख त्योहारों की जानकारी
जगन्नाथ रथयात्रा
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पुरी में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। इस दिन भगवान गुडिंचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं, और लाखों भक्त इस अवसर पर पुरी पहुंचते हैं।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि
15 जुलाई 2026 से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी, जो सामान्य नवरात्रि से भिन्न होती है। इस दौरान साधक तंत्र-मंत्र और दस महाविद्याओं की विशेष साधना करते हैं। गुप्त नवरात्रि को आध्यात्मिक उन्नति और विशेष सिद्धियों की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
देवशयनी एकादशी और चातुर्मास
देवशयनी एकादशी, जिसे हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है, 25 जुलाई को मनाई जाएगी। इस दिन से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं, और इसी दिन से चतुर्मास की शुरुआत होती है। इस दौरान गृह प्रवेश, विवाह और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है।
गुरु पूर्णिमा और सावन की शुरुआत
गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी, और इसी दिन से भगवान शिव का प्रिय माह श्रावण शुरू होता है। सावन में शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु और महर्षि वेदव्यास के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के लिए होता है।
