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दिवाली 2026: खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त और योग

दिवाली का त्योहार नजदीक आ रहा है, और इस अवसर पर खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त जानना महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कब और कैसे खरीदारी करनी चाहिए। 1 नवंबर से लेकर 5 नवंबर तक के शुभ योग और मुहूर्त के बारे में जानकारी प्राप्त करें। इसके अलावा, धनतेरस और दीवाली के दिन के विशेष मुहर्त भी जानें। सही समय पर खरीदारी करने से आपको लाभ होगा।
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दिवाली का पर्व और इसकी तैयारी

दिवाली का त्योहार नजदीक आ रहा है, और इस समय अधिकांश घरों में सफाई का काम चल रहा है। इसके बाद, लोग इस पर्व के लिए खरीदारी करने में जुट जाएंगे। दिवाली का यह पर्व अच्छाई की बुराई पर, प्रकाश का अंधकार पर, और ज्ञान का अज्ञान पर विजय का प्रतीक है।


धनतेरस से भाई दूज तक का पर्व

इस पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है और यह भाई दूज पर समाप्त होता है। दिवाली से पहले बाजारों में खास रौनक देखने को मिलती है, जहां लोग विभिन्न सामानों की खरीदारी करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना लाभदायक होता है।


शुभ मुहूर्त के अनुसार खरीदारी

इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किस प्रकार शुभ मुहूर्त के अनुसार खरीदारी करनी चाहिए। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दिवाली के लिए कई शुभ योग और मुहूर्त बन रहे हैं।


1 नवंबर के शुभ मुहूर्त

1 नवंबर 2026 को रवि पुष्य योग का महासंयोग बन रहा है। इस दिन सोना-चांदी, वाहन और संपत्ति खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।


शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:


रवि पुष्य योग: सुबह 6:33 से 2 नवंबर सुबह 4:30 तक


अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 तक


गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:36 से 6:54 तक


सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:33 से 2 नवंबर सुबह 4:30 तक


चौघड़िया मुहूर्त

लाभ-अमृत चौघड़िया: सुबह 9:18 से दोपहर 12:04 तक


शुभ चौघड़िया: दोपहर 1:27 से 2:50 तक


शाम का शुभ समय: शाम 5:42 से रात 8:54 तक


2 से 5 नवंबर तक के शुभ योग

2 नवंबर को बुधादित्य योग और लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होगा। इन शुभ योगों में बर्तन, वाहन, चांदी के सिक्के, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा, कौड़ी, शंख, स्वास्तिक और मिट्टी के दीपक खरीदना शुभ होता है।


3 नवंबर को देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग बनेगा।


4 नवंबर को बेहद शुभ ब्रह्म योग बनेगा।


5 नवंबर को कार्तिक मास की रमा एकादशी मनाई जाएगी।


धनतेरस का पर्व

धनतेरस का पर्व हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सोना, चांदी, झाड़ू और लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा खरीदना शुभ होता है।


त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर को सुबह 10:30 से


त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर को सुबह 10:47 तक


धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:19 से रात 8:17 तक


खरीदारी का शुभ समय: सुबह 10:30 के बाद पूरे दिन


दीवाली 2026 का शुभ मुहर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार दीपावली का पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा।


अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर को सुबह 11:27 से


अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर को दोपहर 12:31 तक


लक्ष्मी पूजा मुहर्त: शाम 5:54 से रात 7:50 तक


प्रदोष काल: शाम 5:31 से रात 8:09 तक


वृषभ काल: शाम 5:54 से रात 7:50 तक