देवशयनी एकादशी: महत्व, पूजा विधि और दान का महत्व
देवशयनी एकादशी, जो 25 जुलाई को मनाई जाएगी, हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। पूजा करने से घर में खुशहाली और समृद्धि आती है। जानें इस व्रत का महत्व, पूजा विधि और दान का महत्व। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन अन्न, वस्त्र और जल दान करने से विशेष पुण्य मिलता है।
| Jul 24, 2026, 18:40 IST
देवशयनी एकादशी का महत्व
25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का व्रत मनाया जाएगा, जो हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिससे चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है। आइए, जानते हैं देवशयनी एकादशी के व्रत का महत्व और पूजा विधि।
देवशयनी एकादशी व्रत की जानकारी
पंडितों के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष 2026 में यह व्रत 25 जुलाई, शनिवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु राजा बलि के पास पाताल लोक में विश्राम करने जाते हैं और कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। यह समय ध्यान, भक्ति और साधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। यदि आपके जीवन में कोई परेशानी है, तो इस दिन विष्णुजी की पूजा करने से लाभ हो सकता है।
भगवान विष्णु को अर्पित करें ये फूल
शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल पसंद हैं। इसलिए, उनकी पूजा के दौरान पीले पुष्प अर्पित करें। आप उन्हें ताजे गेंदे के फूलों की माला भी चढ़ा सकते हैं। इस दिन कमल के फूल भी अर्पित करना शुभ माना जाता है, जिससे माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
चातुर्मास का महत्व
देवशयनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक मास तक चलने वाला चातुर्मास संयम, साधना और दान का काल है। इस दौरान मांगलिक कार्यों को स्थगित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय सात्त्विक जीवन अपनाने से आध्यात्मिक उन्नति होती है।
पौराणिक कथा
पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, एक समय राजा मान्धाता के राज्य में सूखा पड़ा। राजा ने महर्षि अंगिरा से सलाह ली, जिन्होंने देवशयनी एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी। इस व्रत के आयोजन से भगवान विष्णु प्रसन्न हुए और वर्षा हुई। तब से इस व्रत का विशेष महत्व है।
दान का महत्व
देवशयनी एकादशी के दिन अन्न दान को पुण्यकारी माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना और वस्त्र दान करना शुभ होता है। जल दान भी विशेष फलदायी माना जाता है।
