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धनतेरस 2026: खरीदारी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

धनतेरस, दिवाली के पहले मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो धन और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है और नए सामान की खरीदारी को शुभ माना जाता है। 2026 में धनतेरस का शुभ मुहूर्त 6 नवंबर से 7 नवंबर तक रहेगा। जानें इस दिन की पूजा विधि, खरीदारी के लिए शुभ समय और अन्य धार्मिक मान्यताएं।
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धनतेरस का महत्व


नई दिल्ली. दिवाली के पावन पर्व से पहले मनाया जाने वाला धनतेरस, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत करता है। धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, और इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक है।


धनतेरस के दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि का प्रकट होना मान्यता है। उन्हें आयुर्वेद और स्वास्थ्य का देवता माना जाता है। इस दिन को धन्वंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जो स्वास्थ्य और दीर्घायु के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।


धनतेरस पर पूजा और दीप जलाने की परंपरा

धनतेरस 2026: खरीदारी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि


इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इसके साथ ही, यमराज के नाम से घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाने की परंपरा भी है, जिसे यम दीपक कहा जाता है। यह मान्यता है कि इस दीपक को जलाने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।


धनतेरस 2026 पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त

धनतेरस के दिन नए सामान की खरीदारी को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सोने, चांदी और बर्तनों की खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि आती है। इस वर्ष, खरीदारी का शुभ समय 6 नवंबर की सुबह से शुरू होकर 7 नवंबर की सुबह तक रहेगा।


खरीदारी का शुभ मुहूर्त

















विवरण शुभ समय
खरीदारी शुरू होने का समय 6 नवंबर 2026, सुबह 10:30 बजे
खरीदारी समाप्त होने का समय 7 नवंबर 2026, सुबह 6:37 बजे


धनतेरस पर खरीदारी के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त

धनतेरस के दिन शुभ चौघड़िया में खरीदारी करना भी लाभकारी माना जाता है। इस दौरान आप अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी की योजना बना सकते हैं।





























चौघड़िया मुहूर्त समय
प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) सुबह 10:30 से 10:43 बजे
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) दोपहर 12:05 से 1:27 बजे
अपराह्न मुहर्त (चर) शाम 4:11 से 5:33 बजे
रात्रि मुहर्त (लाभ) रात 8:49 से 10:27 बजे
रात्रि मुहर्त (शुभ, अमृत, चर) रात 12:05 से सुबह 4:59 बजे (7 नवंबर)


धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ है?

धनतेरस के दिन नई वस्तुओं की खरीदारी की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस दिन विशेष रूप से धातु की वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है।


पीतल और चांदी के बर्तन: इस दिन पीतल और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा है, जिससे घर में धन और समृद्धि बढ़ती है।


सोने की खरीदारी: इस दिन सोना खरीदना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।


अन्य शुभ वस्तुएं: लोग अपनी मान्यता और सामर्थ्य के अनुसार इस दिन नई वस्तुओं की खरीदारी करते हैं।


धनतेरस की पूजा विधि

इस शुभ दिन पर माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की षोडशोपचार पूजा करने का विधान है। इस दिन घर की सफाई करके पूजा स्थल को सजाया जाता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीपक जलाए जाते हैं। यमराज के नाम से भी एक दीपक जलाया जाता है, जिसे यम दीपक कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर यमराज के निमित्त दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।