धनतेरस 2026: जानें इस दिन की महत्वपूर्ण बातें और गलतियों से बचें
धनतेरस का महत्व
आज का दिन हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत के विभिन्न हिस्सों में और विदेशों में रहने वाले हिन्दू धनतेरस का पर्व मनाते हैं। यह त्योहार दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत करता है। हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके साथ ही सोने, चांदी, बर्तन और नई वस्तुएं खरीदना भी शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर क्या न करें?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर पूजा और शुभ कार्य करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन कुछ कार्य ऐसे हैं, जिन्हें करने से बचना चाहिए। ज्योतिषाचार्य मदन मोहन के अनुसार, धनतेरस पर कुछ सामान्य गलतियों से बचना आवश्यक है। आइए जानते हैं उन पांच कार्यों के बारे में।
1. लोहे की चीजें न खरीदें
धनतेरस के दिन सोने, चांदी और बर्तन खरीदने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन लोहे की वस्तुएं खरीदना शुभ नहीं माना जाता। कैंची, चाकू, कील और सुई जैसी वस्तुओं को घर लाना अशुभ होता है।
2. पैसों का लेन-देन न करें
धनतेरस के दिन आर्थिक लेन-देन से बचने की सलाह दी जाती है। इस दिन किसी को उधार पैसे देने या कर्ज लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे घर की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
धनतेरस पर ध्यान रखने योग्य बातें
| काम | धार्मिक मान्यता के अनुसार सलाह |
|---|---|
| लोहे की वस्तुएं खरीदना | खरीदने से बचें |
| पैसों का लेन-देन | उधार देने और कर्ज लेने से बचें |
| कांच का सामान खरीदना | परहेज करें |
| काले रंग के कपड़े पहनना | शुभ अवसर पर पहनने से बचें |
| यम दीपक जलाना | मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाएं |
3. कांच की चीजें न खरीदें
धनतेरस पर कांच की वस्तुओं को खरीदने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन कांच का सामान खरीदना शुभ नहीं होता।
4. काले रंग के कपड़े न पहनें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काले रंग को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इसलिए धनतेरस जैसे मांगलिक अवसर पर काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
5. यम दीपक जलाते समय दिशा का ध्यान रखें
धनतेरस की शाम यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा है। इसे यम दीपक कहा जाता है। इसे जलाते समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखना चाहिए।
