बीजेपी का नशा मुक्त पंजाब अभियान: चार यात्राओं के माध्यम से जागरूकता फैलाने की योजना
पंजाब में नशे के खिलाफ बीजेपी की मुहिम
पंजाब में नशे की समस्या को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्यभर में नशा मुक्त पंजाब यात्राएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस मुहिम का नारा है 'भाजपा दा नारा, नशा मुकाना सारा'। इन यात्राओं के माध्यम से पार्टी सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में लोगों को एकजुट कर नशे के खिलाफ एक व्यापक जन आंदोलन का निर्माण करना चाहती है।
यात्रा का फोकस
पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इस आंदोलन की घोषणा की। इस अवसर पर पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे। ढिल्लों ने बताया कि यह यात्रा तीन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित होगी: बढ़ता नशा, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, और शासन के विभिन्न स्तरों पर व्याप्त भ्रष्टाचार।
नशे का प्रभाव
उन्होंने कहा, 'यह यात्रा केवल जागरूकता फैलाने के लिए नहीं है, बल्कि नशे के कारण पंजाबियत, संस्कृति और मूल्यों को हो रहे नुकसान का मुकाबला करने का प्रयास है। नशा परिवारों को तोड़ रहा है, खासकर माताओं और बहनों को भारी पीड़ा दे रहा है।'
यात्राओं की शुरुआत
ढिल्लों ने बताया कि पहली यात्रा 18 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के साथ शुरू होगी। यह यात्रा जालंधर में समाप्त होगी और कई विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
दूसरी यात्रा का विवरण
दूसरी यात्रा 19 सितंबर को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी और जालंधर में समाप्त होगी।
तीसरी और चौथी यात्रा
तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का से शुरू होगी, जबकि चौथी यात्रा 21 सितंबर को तलवंडी साबो से प्रारंभ होगी। दोनों यात्राएं जालंधर में समाप्त होंगी।
