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मासिक शिवरात्रि 2026: विशेष महत्व और पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि 2026 का विशेष महत्व है, जो ज्येष्ठ अधिक मास में आती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। जानें इस पर्व की तिथि, पूजा विधि और मंत्र, जो आपकी आराधना को और भी प्रभावी बनाएंगे।
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मासिक शिवरात्रि 2026: विशेष महत्व और पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि का महत्व

मासिक शिवरात्रि 2026: ज्येष्ठ अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, में आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु हैं, इसलिए इस माह में किए गए व्रत, जप, तप और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। यह विशेष माह लगभग हर तीन वर्ष में एक बार आता है। मासिक शिवरात्रि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है।


मासिक शिवरात्रि 2026: तिथि और मुहूर्त

तिथि और मुहूर्त:
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 13 जून 2026, शनिवार को शुरू होगी। चूंकि शिवरात्रि की मुख्य पूजा मध्यरात्रि में होती है, इसलिए इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा।


पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग या निकट के शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। शिवलिंग पर भगवान शिव को प्रिय शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, शहद और घी अर्पित करें। इसके बाद चंदन का तिलक लगाएं और बेलपत्र, धतूरा, मदार के फूल, शमी के पत्ते और भस्म अर्पित करें। फिर फल और मिष्ठान का भोग लगाएं।


आरती और मंत्र

अंत में दीपक या कपूर जलाकर महादेव की आरती करें और उनकी कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना करें।

भगवान शिव के मंत्र:
ॐ नमः शिवाय।
ॐ पशुपतये नमः।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥